RBI Gold Reserve: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बुधवार को उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने अपने गोल्ड रिजर्व का हिस्सा बेच दिया है। आरबीआई ने साफ किया कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार पहले की तरह ही 880.52 टन है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया पर जारी बयान
आरबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में सोना बेचने का दावा किया जा रहा है, जो सही नहीं है। बैंक ने कहा कि गोल्ड रिजर्व से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से उसकी मासिक बुलेटिन में प्रकाशित की जाती है और वर्तमान में सोने का स्टॉक 880.52 टन पर स्थिर है।
RBI Gold Reserve: मासिक रिपोर्ट में उपलब्ध डेटा
आरबीआई ने बताया कि उसके स्वर्ण भंडार का पूरा विवरण मासिक बुलेटिन में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहता है, जिसे कोई भी व्यक्ति आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकता है। बैंक ने दोहराया कि अभी तक सोने के भंडार में किसी भी प्रकार की कमी दर्ज नहीं हुई है।
केंद्रीय बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या असत्यापित खबरों पर भरोसा न करें। आरबीआई ने कहा कि केवल उसकी ओर से जारी आधिकारिक जानकारी को ही सही माना जाए, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके।

PIB फैक्ट चेक का खंडन
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट Press Information Bureau ने भी इन दावों को फर्जी बताया है। PIB ने X पर कहा कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया है, लेकिन यह जानकारी पूरी तरह गलत है।
PIB के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2025 में यह 13.92% थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% हो गई और 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85% पहुंच गई।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे मामले की शुरुआत एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट से हुई थी, जिसमें ब्लूमबर्ग का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि आरबीआई ने 22 मई तक के दो हफ्तों में लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदी हो सकती हैं। इस रिपोर्ट के बाद बाजार में कई तरह की चर्चाएं और अटकलें शुरू हो गई थीं।
RBI और PIB का स्पष्ट बयान
हालांकि आरबीआई और PIB दोनों ने इन सभी दावों को गलत बताया है। दोनों ने साफ किया है कि भारत का स्वर्ण भंडार सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह की कमी नहीं हुई है। वर्तमान में देश के पास मौजूद 880.52 टन सोना पूरी तरह सुरक्षित है।
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