RBI Polymer: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगले वर्ष अप्रैल-मई के दौरान देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के बैंक नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में कम मूल्य वाले पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। इन नोटों का उपयोग बाजार में सबसे अधिक होता है, इसलिए पहले इन्हीं को नई तकनीक के साथ पेश किया जाएगा। आरबीआई का मानना है कि पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ होंगे, जल्दी खराब नहीं होंगे और नकली नोटों पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद करेंगे।
क्या हैं पॉलीमर नोट और क्यों लाए जा रहे हैं?
पॉलीमर बैंक नोट सामान्य कागज पर नहीं, बल्कि विशेष प्रकार के प्लास्टिक आधारित पॉलीमर सब्सट्रेट पर तैयार किए जाते हैं। ये दिखने और इस्तेमाल में सामान्य नोटों जैसे ही होते हैं, लेकिन इनकी मजबूती कहीं अधिक होती है। पानी, नमी, धूल और गंदगी का इन पर कम असर पड़ता है और ये आसानी से फटते भी नहीं हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत में ₹10, ₹20 और ₹50 जैसे छोटे मूल्य के नोट बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलीमर नोटों के आने से इनकी उम्र बढ़ेगी और बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता भी कम होगी।
RBI Polymer: नकली नोटों पर लगेगी रोक, छपाई का खर्च भी घटेगा
आरबीआई के अनुसार, पॉलीमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है। इससे नकली नोट तैयार करना बेहद कठिन हो जाएगा। इसके अलावा, कागजी नोटों की तुलना में पॉलीमर नोट कई गुना अधिक समय तक चल सकते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर 6,372.8 करोड़ रुपये खर्च किए थे। यदि पॉलीमर नोट लंबे समय तक उपयोग में रहते हैं तो छपाई और वितरण पर होने वाला खर्च भी कम होगा। यही वजह है कि दुनिया के 60 से अधिक देशों ने इस तकनीक को अपनाया है।

क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोट आने का मतलब यह नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट चलन से बाहर हो जाएंगे। दोनों प्रकार के नोट एक साथ बाजार में प्रचलन में रहेंगे। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। जब तक नए नोट पूरी तरह से प्रचलन में नहीं आ जाते, तब तक पुराने कागजी नोट भी वैध मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होते रहेंगे।
RBI Polymer: भारत में पहले भी हो चुका है पॉलीमर नोट पर विचार
भारत में पहली बार वर्ष 2012 में पॉलीमर नोट शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। हाल के महीनों में आरबीआई ने एक बार फिर इस पर काम तेज किया और अब गवर्नर ने इसके लॉन्च की समय-सीमा भी स्पष्ट कर दी है। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड सहित 60 से अधिक देशों में पॉलीमर नोट सफलतापूर्वक उपयोग में हैं। आरबीआई का मानना है कि भारत में भी यह बदलाव मुद्रा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ये भी पढ़े …यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव ने अयोध्या सदर से पवन पांडे की उम्मीदवारी का किया ऐलान








