Rooftop Solar: राजस्थान में सौर ऊर्जा को लेकर तेजी से बढ़ रही जागरूकता अब बड़े परिणाम देने लगी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभाव से जयपुर विद्युत वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उपलब्धि के चलते केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जयपुर डिस्कॉम को 60.03 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। यह अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि मानी जा रही है और इससे प्रदेश में ग्रीन एनर्जी मिशन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रूफटॉप सोलर क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जयपुर डिस्कॉम ने 187 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी है। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा औद्योगिक, व्यावसायिक, सामाजिक और सरकारी संस्थानों में लगाए गए सौर संयंत्र भी शामिल हैं। इस प्रदर्शन के आधार पर मंत्रालय ने निगम को बड़ी प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य में सौर ऊर्जा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
Rooftop Solar: पीएम सूर्यघर योजना का दिखा असर
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू होने के बाद आम लोगों में सौर ऊर्जा को लेकर रुचि तेजी से बढ़ी है। लोग अब बिजली बिल कम करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं। इसी का फायदा जयपुर डिस्कॉम को मिला है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को सब्सिडी और तकनीकी सहायता मिलने से सोलर ऊर्जा अपनाना पहले की तुलना में आसान हो गया है।
लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा डिस्कॉम
जयपुर डिस्कॉम पिछले कई वर्षों से रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वर्ष 2019-20 में निगम को 14.98 करोड़ रुपए, 2020-21 में 23.61 करोड़ रुपए, 2021-22 में 29.13 करोड़ रुपए, 2022-23 में 14.94 करोड़ रुपए और 2023-24 में 22.20 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। इस बार मिली 60.03 करोड़ रुपए की राशि ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
Rooftop Solar: राजस्थान बन सकता है देश का सोलर हब
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में लंबे समय तक धूप रहने और बड़े भूभाग के कारण यहां सौर परियोजनाओं के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। आने वाले वर्षों में रूफटॉप सोलर का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इसी रफ्तार से विकास जारी रहा तो राजस्थान जल्द ही देश का सबसे बड़ा सोलर हब बन सकता है।
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