New Delhi: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेता विजय थलपति अभी तक सरकार बनाने में असफल हैं।वे राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से तीन मुलाकातें कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।राज्यपाल ने साफ कह दिया कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना वे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर सकते। 234 सीटों वाली विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। कांग्रेस के पांच विधायक उन्हें पहले ही समर्थन दे चुके हैं। टीवीके के दो विधायकों का समर्थन भी उन्हें मिल गया, लेकिन अन्य छोेटे दलों को मनाने में वे नाकामयाब रहे हैं।
2 विधायक और चाहिए
विजय के पास अनुभव की कमी ही कही जाएगी कि उनके पार्टी कार्यकर्ता जश्न तक मना चुके हैं कि सरकार बनने वाली है, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह रद्द होने पर उनकी किरकिरी हो गई।विजय ने राज्यपाल को टीवीके, कांग्रेस और वाम दलों के 116 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था।आईयूएमएल और वीसीके के पास 2-2 विधायक हैं, लेकिन उनका समर्थन विजय जुटा नहीं पाए हैं। राज्य में 4 मई को चुनावी नतीजे आने के साथ ही विजय ने सरकार बनाने की कोशिशें शुरू कर दी थी, लेकिन अब तक उन्हें निराशा ही मिली है।
New Delhi: रणनीति विफल
दूसरी पार्टियों को मनाने में विजय की रणनीति विफल साबित हो रही है।रणनीति विफल तो दूर उनकी स्थिति हास्यास्पद हो रही है।कोई उनसे इस बात को लेकर नाराज हुआ कि वे WhatsApp से समर्थन मांग रहे हैं, तो किसी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल को उनके समर्थन का फर्जी पत्र सौंपा गया।एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके ने उनके विधायक कामराज का फर्जी समर्थन पत्र राज्यपाल को भेजा। उन्होंने यहां तक कहा कि हम इस मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज करा रहे हैं।इससे पहले वीसीके महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने नाराजगी व्यक्त की थी कि यदि वे WhatsApp के माध्यम से समर्थन मांगेंगे और हमसे जवाब चाहेंगे तो यह कैसे संभव होगा।








