RSS MOHAN BHAGWAT: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में भारतदुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधन देते हुए कहा कि “शक्ति के बिना कुछ भी संभव नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्य को भी स्थापित करने के लिए शक्ति का सहारा लेना पड़ता है।
‘भारत को समझना और अपनाना जरूरी’
मोहन भागवत ने कहा कि यदि भारत की पूजा करनी है तो “भारत बनना, भारत को जानना और मानना” आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान को समझते हुए आगे बढ़ना होगा।
RSS MOHAN BHAGWAT: पश्चिमी प्रभाव छोड़ने की बात
संघ प्रमुख ने कहा कि अंग्रेजों की लंबी गुलामी के कारण भारतीय सोच पर पश्चिमी प्रभाव पड़ा है, जिसे छोड़कर भारतीय मूल्यों की ओर लौटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत जीवन से लेकर राष्ट्रीय निर्णयों तक भारतीय दृष्टिकोण अपनाना होगा।
दुर्गा पूजा को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को इस सांस्कृतिक परंपरा में भागीदारी निभानी चाहिए।
RSS MOHAN BHAGWAT: ‘दुविधा छोड़कर आगे बढ़ें’
मोहन भागवत ने कहा कि भारत के भविष्य को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर के समय दुविधा थी, वैसे ही आज भी है, लेकिन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने का आह्वान
अपने संबोधन में उन्होंने विश्वास जताया कि भारत भविष्य में “विश्व गुरु” बनेगा और अपनी खोई हुई पहचान को फिर से प्राप्त करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को मजबूत और सक्षम बनाने में योगदान दें।
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