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कालीघाट तक पहुंची जांच की आंच! ममता के दफ्तर में CID की दस्तक, पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता 8 दिन की पुलिस कस्टडी में

कालीघाट तक पहुंची जांच की आंच! ममता के दफ्तर में CID की दस्तक, पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता 8 दिन की पुलिस कस्टडी में
Sabyasachi Dutta Arrest: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। एक तरफ राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही सत्ता से बाहर होने के बाद राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, तो वहीं अब उनके सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले कालीघाट तक जांच एजेंसियों की दस्तक पहुंच गई है। मंगलवार को उस समय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई जब सीआईडी की एक टीम कोलकाता स्थित ममता बनर्जी के कालीघाट कार्यालय पहुंची।रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीआईडी की यह कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में की गई। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी नोटिस देने के उद्देश्य से कालीघाट कार्यालय पहुंची थी। जैसे ही इस खबर ने सुर्खियां बटोरीं, बंगाल की राजनीति में नए सियासी समीकरणों और संभावित उथल-पुथल को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

Sabyasachi Dutta Arrest: सब्यसाची दत्ता पर कसा शिकंजा, अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में

इधर कालीघाट में सीआईडी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई थी, उधर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया। अदालत ने सुनवाई के बाद सब्यसाची दत्ता को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।जांच एजेंसियां अब मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार पूछताछ और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिनका असर सीधे बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है।

Sabyasachi Dutta Arrest: क्या TMC के लिए बढ़ने वाली हैं मुश्किलें?

कालीघाट कार्यालय तक सीआईडी की पहुंच और पूर्व विधायक की गिरफ्तारी ने विपक्ष को भी सरकार और टीएमसी पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर जांच का दायरा बढ़ता है तो तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर भी सवाल उठ सकते हैं। यही वजह है कि बंगाल की राजनीति में इस समय हर नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।फिलहाल इतना तय है कि कालीघाट से लेकर कोलकाता के राजनीतिक गलियारों तक इस घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है। सीआईडी की दस्तक और सब्यसाची दत्ता की आठ दिन की पुलिस कस्टडी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई नए मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

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