Sambhavna Seth Becomes Mother: भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री संभावना सेठ की जिंदगी में आखिरकार वो पल आ ही गया, जिसका उन्हें पिछले 10 सालों से इंतजार था। अनगिनत दर्द, टूटती उम्मीदें, बार-बार की नाकामयां और मां बनने की अधूरी ख्वाहिश के बाद अब उनके घर खुशियों ने दस्तक दे दी है। 45 साल की उम्र में संभावना सेठ सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों की मां बन गई हैं। यह खुशी उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
10 साल तक मां बनने के लिए लड़ी लंबी जंग
शादी के बाद संभावना सेठ ने मां बनने का सपना देखा था, लेकिन यह सफर उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। कई बार उन्होंने उम्मीदों के साथ IVF का सहारा लिया, लेकिन हर बार किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। बताया जाता है कि उनके 8 IVF प्रयास असफल रहे। इतना ही नहीं, उन्हें मिसकैरेज जैसे दर्दनाक दौर से भी गुजरना पड़ा।हर असफलता के बाद संभावना टूटती रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मां बनने की चाह उनके दिल में हमेशा जिंदा रही और आखिरकार उनकी यह तपस्या रंग लाई।
Sambhavna Seth Becomes Mother: जब अस्पताल में फूट-फूटकर रो पड़ीं संभावना
जैसे ही संभावना सेठ ने अपने जुड़वां बच्चों को पहली बार देखा, उनकी आंखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में वह अस्पताल में भावुक होकर रोती नजर आईं। उनके पति अविनाश द्विवेदी भी इस खास पल में उनके साथ थे।दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी का स्वागत किया। ये आंसू दर्द के नहीं, बल्कि उन वर्षों के संघर्ष के बाद मिली जीत के थे, जिसका इंतजार उन्होंने एक दशक तक किया था।
Sambhavna Seth Becomes Mother: ‘इस साल दिवाली जल्दी आ गई…’
मां बनने की खुशी साझा करते हुए संभावना सेठ ने इंस्टाग्राम पर बेहद भावुक पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा इस साल महा दिवाली जल्दी आ गई है। मेरे घर पर लक्ष्मी और गणेश दोनों आए हैं। हमारा दिल भर आया है। हर हर महादेव।”उनके इस संदेश ने लाखों फैंस को भावुक कर दिया। सोशल media पर बधाइयों का तांता लग गया और हर कोई उनके इस संघर्ष और जीत की कहानी को सलाम करता नजर आया।
आखिर क्या है IVF और सरोगेसी?
IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को लैब में निषेचित किया जाता है। इसके बाद तैयार भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थापित किया जाता है।वहीं, जब किसी कारणवश महिला स्वयं गर्भधारण नहीं कर पाती, तब सरोगेसी का विकल्प अपनाया जाता है। इसमें किसी दूसरी महिला की कोख में भ्रूण को विकसित किया जाता है और जन्म के बाद बच्चा उसके जैविक माता-पिता को सौंप दिया जाता है।संभावना सेठ की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि उन लाखों महिलाओं की कहानी है जो मां बनने के लिए लंबे संघर्ष से गुजरती हैं। 8 बार IVF फेल होना, मिसकैरेज का दर्द सहना और फिर भी उम्मीद न छोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन संभावना ने साबित कर दिया कि अगर हौसला जिंदा रहे तो जिंदगी कभी न कभी खुशियों की सौगात जरूर देती है।आज उनके घर जुड़वां बच्चों की किलकारी गूंज रही है और 10 साल का इंतजार आखिरकार मुस्कान में बदल चुका है।
ये भी पढ़े: दाऊद का नाम सुनते ही मैंने पैंट में पेशाब कर दिया था…15 साल बाद ललित मोदी का बड़ा खुलासा







