Home » News » सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पायजामे का नाड़ा ढीला करना, ब्रेस्ट पकड़ना रेप की कोशिश; इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश पलटा

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पायजामे का नाड़ा ढीला करना, ब्रेस्ट पकड़ना रेप की कोशिश; इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश पलटा

SC On Allahabad High Court:

SC On Allahabad High Court:  सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी लड़की के पायजामे का नाड़ा खींचना, उसके स्तन पकड़ना और जबरन एकांत स्थान की ओर ले जाने का प्रयास करना केवल तैयारी नहीं, बल्कि बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में आता है। न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें इन कृत्यों को बलात्कार की तैयारी माना गया था।मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने आपराधिक कानून के स्थापित सिद्धांतों का गलत उपयोग किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की हरकतें प्रथम दृष्टया बलात्कार के प्रयास की ओर संकेत करती हैं।

जानिए घटना का विवरण

मामला वर्ष 2021 का है। कासगंज जिले की एक महिला ने जनवरी 2022 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, नवंबर 2021 में वह अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ लौट रही थी, तभी गांव के तीन युवक रास्ते में मिले। आरोप है कि एक युवक ने लड़की को मोटरसाइकिल पर बैठाकर घर छोड़ने की बात कही। रास्ते में दो युवकों ने कथित रूप से लड़की के निजी अंगों को पकड़ा और उसे पुलिया के नीचे खींचने का प्रयास किया। इस दौरान उसके पायजामे की डोरी भी तोड़ दी गई। लड़की की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे लोगों को आरोपियों ने हथियार दिखाकर धमकाया और वहां से फरार हो गए। पीड़िता की मां की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

SC On Allahabad High Court: उच्च न्यायालय का पूर्व आदेश

मार्च 2025 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि यह कृत्य बलात्कार या बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इसे तैयारी माना जाएगा। इसके बाद कुछ धाराएं हटाने का निर्देश दिया गया था।

SC On Allahabad High Court: सर्वोच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान

उच्च न्यायालय के आदेश पर व्यापक आपत्ति जताई गई। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं संज्ञान लेकर आदेश पर रोक लगा दी थी। अब अंतिम सुनवाई में न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रकार की हरकतें केवल तैयारी नहीं, बल्कि बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में आती हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।

यह भी पढे़ : सुन्दर पिचाई ने नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग पर चर्चा