Sehore Kanwar Yatra: मध्य प्रदेश के सीहोर में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा में मध्य प्रदेश के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। कांवड़िये ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ कुबेरेश्वर धाम की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
भीड़ में श्रद्धालु को पड़ा दौरा, एंबुलेंस तक पहुंचने में लगा आधा घंटा
यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के जलगांव से आए एक श्रद्धालु को मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक दौरा पड़ गया। घटना की जानकारी मिलने पर लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हाईवे पर करीब 100 मीटर की दूरी पर खड़ी एंबुलेंस भी मरीज तक नहीं पहुंच सकी।करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस के मौके पर नहीं पहुंच पाने के बाद वहां मौजूद एक डॉक्टर ने मरीज को अपने कंधे पर बैठाया और पैदल चलकर हाईवे तक ले गए। इसके बाद श्रद्धालु को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
सीवन नदी घाट पर श्रद्धालुओं की एंट्री बंद
कांवड़ यात्रा में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सीवन नदी के घाट पर श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगा दी है। कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों के जरिए जल भरने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु इन्हीं नलों से कांवड़ में जल भरकर कुबेरेश्वर धाम के लिए रवाना हो रहे हैं।कुबेरेश्वर धाम पहुंचने के बाद कांवड़िये सीवन नदी से लाए गए जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे।विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित के अनुसार, कुबेरेश्वर धाम में बाबा का करीब 5 क्विंटल फूलों से शृंगार किया गया है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और सेवा व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

25 क्विंटल नुक्ती का भोग
पं. प्रदीप मिश्रा ने भगवान को 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाया। वहीं, धाम परिसर में करीब 2 एकड़ में बनी भोजनशाला से श्रद्धालुओं को लगातार प्रसादी वितरित की जा रही है।कांवड़ यात्रा के मार्ग पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन, फलाहारी खिचड़ी, नाश्ता, चाय और पानी की व्यवस्था की गई है।गुजरात से आए 35 सेवादारों का एक दल भी यात्रियों के लिए पूड़ी-सब्जी तैयार कर रहा है।
सुरक्षा के लिए 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की गतिविधियों और भीड़ पर नजर रखने के लिए 10 वॉच टावर बनाए गए हैं।कलेक्टर के आदेश के अनुसार यात्रा में डीजे ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सीवन नदी के तट पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बोट और गोताखोर भी तैनात किए गए हैं।श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सहायता देने के लिए पांच प्रमुख मेडिकल पॉइंट बनाए गए हैं। मानक बाग, डी-मार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगरा फूल जोड़ पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
25 अगस्त रात 12 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन
कांवड़ यात्रा के चलते भारी भीड़ को देखते हुए इंदौर-भोपाल मार्ग पर यातायात को डायवर्ट किया गया है। यह व्यवस्था 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगी।
- भोपाल से इंदौर जाने वाले भारी वाहन: मुबारकपुर/तुमड़ा जोड़ से श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा और मक्सी होते हुए देवास/इंदौर भेजे जा रहे हैं।
- इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन: देवास, मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा और श्यामपुर होते हुए भोपाल की ओर जाएंगे।
- छोटे और सवारी वाहन: सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आष्टा/इंदौर की ओर भेजे जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने जारी की समय-सारणी
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे ने 25 और 26 अगस्त के लिए सीहोर स्टेशन से आने-जाने वाली ट्रेनों की समय-सारणी जारी की है। इसमें मक्सी-उज्जैन और भोपाल की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों की जानकारी शामिल है।
सीहोर से मक्सी/उज्जैन की ओर जाने वाली ट्रेनें
| ट्रेन नंबर | सीहोर समय | चलने के दिन |
|---|---|---|
| 17605 | 01:41-01:43 | रोजाना |
| 20413 | 04:58-05:00 | बुध, शुक्र |
| 18234 | 05:16-05:18 | रोजाना |
| 22192 | 06:08-06:10 | रोजाना |
| 19422 | 06:19-06:21 | बुधवार |
| 59320 | 07:16-07:18 | रोजाना |
| 12920 | 08:38-08:39 | रोजाना |
| 19344 | 09:01-09:03 | रोजाना |
| 20843 | 09:24-09:26 | मंगल, बुध |
| 11703 | 09:50-09:51 | सोम, बुध, शुक्र |
| 19322 | 09:45-09:47 | मंगलवार |
| 19340 | 13:29-13:31 | रोजाना |
| 19712 | 17:16-17:18 | रोजाना |
| 19490 | 17:28-17:30 | सोम, मंगल, गुरु-रवि |
| 19324 | 17:45-17:47 | रोजाना |
| 12967 | 18:47-18:49 | सोम, बुध |
| 19714 | 18:47-18:49 | मंगलवार |
| 11464 | 21:01-21:03 | मंगल-रवि |
| 22674 | 22:26-22:28 | मंगलवार |
| 19304 | 23:51-23:52 | रोजाना |
सीहोर से भोपाल जाने वाली ट्रेनें
| ट्रेन नंबर | सीहोर समय | चलने के दिन |
| 11704 | 00:31-00:33 | मंगल, गुरु, शनि |
| 19303 | 03:36-03:38 | रोजाना |
| 11463 | 05:22-05:24 | सोम, बुध-शनि |
| 11465 | 05:22-05:24 | मंगल, रविवार |
| 12970 | 06:14-06:16 | बुधवार |
| 12976 | 06:14-06:16 | मंगल, गुरु |
| 19323 | 09:30-09:32 | रोजाना |
| 19711 | 09:50-09:52 | रोजाना |
| 20414 | 13:15-13:17 | बुध, शुक्र |
| 19339 | 14:14-14:16 | रोजाना |
| 17606 | 15:19-15:21 | रोजाना |
| 12919 | 16:10-16:11 | रोजाना |
| 19343 | 16:23-16:25 | रोजाना |
| 19313 | 17:26-17:28 | सोम, बुध |
| 20846 | 18:33-18:35 | मंगल, रविवार |
| 19489 | 19:14-19:16 | मंगल-रवि |
| 59319 | 20:08-20:10 | रोजाना |
| 18233 | 20:18-20:20 | रोजाना |
| 22191 | 22:26-22:28 | रोजाना |
महिला श्रद्धालु ने बताया बाबा के प्रति विश्वास
कांवड़ यात्रा के दौरान बैंगनी और हरी साड़ी पहने एक महिला श्रद्धालु अपने अनुभव बताते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके बाबा यानी भगवान कुबेरेश्वर महादेव ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और उनकी हर मनोकामना पूरी की है।एक अन्य महिला श्रद्धालु पीली साड़ी पहनकर कंधे पर कांवड़ लेकर यात्रा करती नजर आईं। उन्होंने बताया कि साल 2021 में उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ और पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनी।महिला के मुताबिक, बाबा की कृपा और कथा के प्रभाव से वह आज ठीक हैं और अपने पैरों पर चलकर कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ लेकर पहुंच पा रही हैं।

होटल नहीं मिला तो 2 हजार में दुकान का शटर लिया
महाराष्ट्र के पुणे जिले के आलंदी गांव से अमोल प्रकाश ढोले अपने परिवार और करीब 10 लोगों के समूह के साथ बस से कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया और अपना अनुभव साझा किया।अमोल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण उन्हें होटल में कमरा नहीं मिल सका। इसके बाद उन्होंने रात रुकने के लिए एक दुकान का शटर/हॉल 2 हजार रुपये प्रति रात के किराये पर लिया।उन्होंने कहा कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से सेवा और खान-पान में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन कुल मिलाकर कांवड़ यात्रा का अनुभव अच्छा रहा।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी भरी कांवड़
कांवड़ यात्रा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा भी सीहोर की सीवन नदी पहुंचे। उन्होंने नदी से कांवड़ में जल भरा और श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर भगवान कुबेरेश्वर महादेव के प्रति अपनी आस्था जताई।उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करना, नदियों को स्वच्छ रखना और प्रकृति की रक्षा करना इस आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
बारिश के बीच भी जारी रही यात्रा
सीहोर की सीवन नदी के तट पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये जुटने लगे। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।कई श्रद्धालु छाता और रेनकोट लेकर यात्रा करते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोग पॉलिथीन ओढ़कर बारिश से बचते हुए कांवड़ लेकर आगे बढ़ते रहे।कांवड़ यात्रा में एक छोटा बच्चा ट्राइसिकल पर सवार होकर पहुंचा। नन्हे कांवड़िए का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
सीवन नदी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कांवड़ यात्रा को लेकर सीहोर की सीवन नदी के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए। सुबह से ही नदी के तट और आसपास के इलाकों में कांवड़ियों की भीड़ दिखाई दी।श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने घाट पर प्रवेश रोक दिया और पुल पर नलों के जरिए कांवड़ में जल भरने की व्यवस्था की।कुबेरेश्वर धाम में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार व्यवस्था संभालती रहीं। मौके से भास्कर रिपोर्टर नीरज पांडे ने यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की।
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