Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह इसी वर्ष अपने देश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों या संभावित सजा से वह डरने वाली नहीं हैं। लगभग बाईस महीने से भारत में रह रहीं शेख हसीना के इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और उनकी संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
वापसी का किया ऐलान, कानूनी चुनौतियों से नहीं डरने की बात
एक हालिया बातचीत में शेख हसीना ने कहा कि वह इस वर्ष हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश की जनता पर पूरा भरोसा है और वह किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। मौत की सजा संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि वह मृत्यु से नहीं डरतीं और जीवन में पहले भी कई कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुकी हैं।
Sheikh Hasina: सत्ता छोड़ने के बाद भारत में रह रही हैं
अगस्त वर्ष दो हजार चौबीस में छात्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। इस दौरान उनके खिलाफ बांग्लादेश में कई कानूनी मामले दर्ज किए गए। कुछ मामलों में उन्हें अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई जा चुकी है, जबकि उनकी पार्टी अवामी लीग भी लगातार राजनीतिक दबाव का सामना कर रही है।
वापसी से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
शेख हसीना ने अपने खिलाफ दिए गए फैसलों को असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक माहौल की बहाली आवश्यक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह वास्तव में इस वर्ष बांग्लादेश लौटती हैं, तो वहां की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं और राजनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है। हालांकि उनकी वापसी की तिथि और कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनके बयान ने देश की राजनीतिक गतिविधियों को फिर से तेज कर दिया है।
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