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एआई आधारित ग्रामीण लेखा परीक्षण पोर्टल लॉन्च

Shivraj Singh

Shivraj Singh: ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ग्रामीण आंतरिक लेखा परीक्षण पोर्टल की शुरुआत की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान इस पोर्टल का शुभारंभ किया। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल मंच है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से लेखा परीक्षण की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल व्यवस्था के अंतर्गत संचालित की जा सकेगी।

लेखा परीक्षण की पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

सरकार के अनुसार, इस पोर्टल की परिकल्पना मुख्य नियंत्रक लेखा कार्यालय ने की है। इसे जोखिम आधारित और अनुपालन आधारित दोनों प्रकार के लेखा परीक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अब तक कागजी दस्तावेजों और अलग-अलग प्रणालियों पर निर्भर रहने वाली प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। इससे योजना निर्माण, परीक्षण, प्रतिवेदन तैयार करने, अनुपालन प्रबंधन, निगरानी और विश्लेषण जैसे सभी कार्य एकीकृत डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से किए जा सकेंगे।

Shivraj Singh: पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बढ़ावा

मंत्रालय का कहना है कि यह पोर्टल पारंपरिक लेखा परीक्षण प्रणाली की कमियों को दूर करेगा। पहले रिकॉर्ड अलग-अलग स्थानों पर बिखरे रहते थे, पत्राचार हाथ से किया जाता था और प्रतिवेदन तैयार करने में काफी समय लगता था। इसके अलावा बार-बार सामने आने वाली टिप्पणियों पर निगरानी रखना और जोखिम का समय पर आकलन करना भी कठिन था। नई व्यवस्था से सभी अभिलेख एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

व्यापक विचार-विमर्श के बाद हुआ विकास

इस पोर्टल को तैयार करने से पहले मंत्रालय ने लेखा परीक्षकों, विभिन्न कार्यक्रम प्रभागों, क्षेत्रीय अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा की। इस परियोजना का प्रारंभिक परीक्षण एक अप्रैल वर्ष दो हजार पच्चीस को उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में किया गया था। सफल परीक्षण के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया गया और अक्टूबर वर्ष दो हजार पच्चीस से इसके सभी प्रमुख मॉड्यूल पूरी तरह संचालित होने लगे।

Shivraj Singh: वास्तविक समय में निगरानी होगी संभव

अधिकारियों के अनुसार यह पोर्टल लेखा परीक्षण योजना, स्वीकृति, टिप्पणियां, कार्रवाई प्रतिवेदन, प्रकरणों के निपटान और अभिलेखों के डिजिटल संरक्षण जैसी पूरी प्रक्रिया को समर्थन देगा। इसके माध्यम से लेखा परीक्षण अभिलेखों का केंद्रीकृत भंडार तैयार होगा, जोखिम आधारित योजना बनाना आसान होगा और प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया भी स्वचालित हो जाएगी। साथ ही लेखा परीक्षण की प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी तथा अनुपालन प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा।

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