SIR 2026: देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को एक वर्ष पूरा हो गया है। इस अवधि में अब तक करीब छह करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया फिलहाल 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है।
SIR 2026: बिहार से हुई थी शुरुआत-
इस अभियान की शुरुआत पिछले साल 24 जून को बिहार विधानसभा चुनावों से पहले हुई थी। बिहार में ही लगभग 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जिस पर काफी विवाद भी हुआ था।
SIR 2026: सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया संवैधानिक-
एसआईआर को लेकर उठे सवालों और मताधिकार से वंचित करने के आरोपों के बीच मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया।
दूसरे चरण में 5.18 करोड़ नाम हटे-
27 अक्टूबर को घोषित दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों में बड़ा बदलाव हुआ।इस दौरान कुल मतदाता 50.99 करोड़ से घटकर 45.81 करोड़ रह गए, यानी करीब 5.18 करोड़ नाम हटाए गए।
तीसरे चरण की प्रक्रिया जारी-
तीसरा चरण 14 मई से शुरू हुआ है, जो साल के अंत तक चलेगा। इसमें 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्य शामिल हैं।
इस चरण में कुल 36.73 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
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