Sitapur SP Office Demolished: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सरकारी जमीन पर बने समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला कार्यालय को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई सुबह तड़के शुरू हुई, जब करीब 4 बजे प्रशासनिक टीम पांच थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद चार बुलडोजरों की मदद से लगभग दो घंटे में पूरे भवन को गिरा दिया गया।सपा कार्यालय में एक बड़ा हॉल और दो कमरे बने हुए थे। भवन को गिराने के बाद प्रशासन ने मलबा भी हटवा दिया।
21 साल पहले बना था कार्यालय
यह सपा कार्यालय करीब 21 साल पहले लगभग 2500 वर्ग फीट भूमि पर बनाया गया था। यह जमीन सरकारी नजूल भूमि थी, जिसे सपा जिला कार्यालय के संचालन के लिए पट्टे पर दिया गया था। हालांकि, जमीन का आवंटन होने के केवल चार महीने बाद ही उसका पट्टा रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद वहां लगातार सपा का कार्यालय संचालित होता रहा।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई से करीब 15 दिन पहले प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी किया था। नोटिस में भवन खाली करने और कार्रवाई के लिए रविवार तक का समय दिया गया था। बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले ही कार्यालय में रखा जरूरी सामान हटा लिया गया था।कार्रवाई के दौरान मौके पर सपा का कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता मौजूद नहीं था। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई।

Sitapur SP Office Demolished: जानिए पूरा मामला
100 रुपये सालाना किराये पर मिली थी जमीन
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) सीमा सिंह के अनुसार, 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी।करीब 2500 वर्ग फीट जमीन के लिए केवल 100 रुपये प्रतिवर्ष का किराया तय किया गया था।
जांच में मिली थीं अनियमितताएं
जमीन के आवंटन के कुछ ही महीनों बाद यह मामला विवादों में आ गया। जांच के दौरान पाया गया कि आवंटन प्रक्रिया में नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।इसके बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया। बावजूद इसके, नजूल भूमि पर सपा का जिला कार्यालय वर्षों तक संचालित होता रहा। यह मामला लंबे समय तक विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन रहा। बाद में प्रशासन ने भूमि के स्वामित्व और स्थिति को लेकर कार्रवाई तेज कर दी।

डीएम कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
मामले की सुनवाई के बाद 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा कार्यालय को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन लंबे समय से इस कार्रवाई की तैयारी कर रहा था और अंतिम आदेश मिलने के बाद भवन को ध्वस्त करने का फैसला लिया गया।
सुबह 5 बजे शुरू हुआ अभियान
सोमवार सुबह करीब 4 बजे पांच थानों के 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद सुबह 5 बजे नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम चार बुलडोजरों के साथ टाउन हॉल परिसर पहुंची।कार्रवाई शुरू होते ही चारों जेसीबी मशीनों ने एक साथ भवन को गिराना शुरू कर दिया। लगभग दो घंटे के भीतर पूरी इमारत को जमींदोज कर दिया गया।
ध्वस्तीकरण के दौरान नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह, सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।

कार्रवाई से पहले खाली करा दिया गया था कार्यालय
जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने करीब 24 घंटे पहले ही कार्यालय खाली करा दिया था। भवन में रखा फर्नीचर और अन्य सामान पहले ही हटा लिया गया था।इसी कारण ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार का विरोध, प्रदर्शन या टकराव देखने को नहीं मिला और प्रशासन ने शांतिपूर्वक पूरी कार्रवाई संपन्न कर ली।
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