Surya murder case: सरोज, जो सूर्या की मां हैं, उन्होंने रोते हुए कहा कि उनका जीवन पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले अपने पति को खो दिया और अब बेटे की भी हत्या हो गई। उनका दूसरा बेटा यश भी अक्सर बीमार रहता है।उन्होंने कहा कि शायद ऊपर वाले को उन पर दया नहीं आई। जो बेटा मेहनती और कामयाब था, वह भी चला गया।
मां ने गुस्से में मांग की कि जिसने उनके बेटे को चाकू मारा है, उसका एनकाउंटर होना चाहिए और उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह अपने दूसरे बेटे के साथ थाने जाकर बैठ जाएंगी। उनका कहना था कि उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
एनकाउंटर की खबर और मां की प्रतिक्रिया
शनिवार देर रात सूर्या की मां सरोज ने एक बार फिर कहा कि उन्होंने सिर्फ एक आरोपी का एनकाउंटर सुना है। उन्होंने कहा कि वह असद की तस्वीर देखना चाहती हैं, तभी उन्हें सुकून मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों का भी इसी तरह एनकाउंटर होना चाहिए क्योंकि सात लोगों ने उनके बेटे के साथ यह किया। उन्होंने फिर दोहराया कि सभी आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए।सीएम योगी से मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वह कुछ नहीं कहेंगी, जब जाएंगी तब बताएंगी।

अंतिम संस्कार और हत्या की पूरी घटना
शनिवार को करीब 10 घंटे तक चले हंगामे के बाद सूर्या का अंतिम संस्कार किया गया।बकरीद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र के नवनीत विहार में सूर्या की हत्या उसके कुछ मुस्लिम दोस्तों ने चाकू से हमला करके कर दी थी।
एक नाबालिग दोस्त के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते सूर्या को फोन कर बुलाया। फिर उससे पूछा गया कि क्या उसने कभी बकरे को हलाल होते देखा है। इसके बाद उस पर चाकू से कई वार किए गए।
Surya murder case: परिवार की हालत और मां की मजबूरी
एटा जिले के सुखवाड़ा गांव के रहने वाले कौशलेंद्र की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद सरोज पिछले 5 साल से अपने दो बेटों यश चौहान और सूर्या चौहान के साथ गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही थीं।
यह इलाका दिल्ली बॉर्डर के पास है। सरोज एक प्राइवेट स्कूल में आया का काम करती हैं। उनका बड़ा बेटा यश अक्सर दौरे पड़ने के कारण बीमार रहता है।छोटे बेटे सूर्या की मौत के बाद मां लगातार सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो जाती हैं।
बेटे की आखिरी सुबह
मां ने बताया कि सूर्या कभी बिना बताए घर से नहीं जाता था। अगर कहीं जाता भी था तो फोन करके जरूर बताता था।28 मई की सुबह भी उसने कहा था कि आज बकरीद की छुट्टी है और वह कहीं नहीं जाएगा। उस दिन दोनों भाइयों ने साथ में चाय पी थी और पड़ोस से सामान भी लाए थे।
लेकिन दोपहर में अचानक असद का फोन आया और उसे बुला लिया गया। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ बाहर गया और फिर वापस नहीं लौटा। मां का कहना है कि उसके बेटे को साजिश के तहत रास्ते में चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

पड़ोसियों की मांग और गुस्सा
एनकाउंटर से पहले पड़ोसी दीक्षा ने कहा था कि जिसने सूर्या को मारा है, वह आगे भी किसी और की जान ले सकता है। इसलिए हत्यारे को सजा मिलनी चाहिए और उसका एनकाउंटर होना चाहिए।
लोगों का कहना था कि उन्हें “खून के बदले खून” चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि असद के साथ पहले भी दिल्ली में विवाद हुआ था, लेकिन उस समय कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी।
एनकाउंटर के बाद नई मांगें
मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद पड़ोसी अंकित ने कहा कि मुठभेड़ ठीक है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होना चाहिए।उनकी मांग है कि बाकी सभी आरोपियों का भी एनकाउंटर हो और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। साथ ही उनकी संपत्ति भी जब्त की जानी चाहिए।
पूरी घटना कैसे हुई
नाबालिग दोस्त के मुताबिक, 28 मई को दोपहर असद ने सूर्या को फोन करके पूछा कि क्या उसने कभी बकरे की कुर्बानी देखी है, क्योंकि बकरीद है।इसके बाद सूर्या अपने दो दोस्तों के साथ गली नंबर 2 के पास पहुंचा। वहां पहले से असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि आज सूर्या को कुर्बानी दिखाएंगे और फिर चाकू से उस पर कई वार कर दिए। गंभीर हालत में सूर्या जमीन पर गिर पड़ा। उसके दोस्त ने उसकी शर्ट से खून रोकने की कोशिश की।बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 29 मई को उसकी मौत हो गई।
अंतिम संस्कार के दौरान भारी हंगामा
30 मई की सुबह सूर्या की मौत के बाद 500 से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने हत्यारों के खिलाफ नारे लगाए और एनकाउंटर की मांग की।लोगों का कहना था कि जैसे उनका बेटा गया है, वैसे ही हत्यारे को भी सजा मिलनी चाहिए।
परिजनों ने शुरू में अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। करीब 10 घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद शाम 6 बजे दिल्ली के गाजीपुर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
पुरानी रंजिश का एंगल, पुलिस कार्रवाई
दोस्तों के अनुसार, करीब 8 महीने पहले सूर्या ने असद और एक अन्य व्यक्ति के बीच झगड़े में बीच-बचाव किया था। तभी से असद उससे नाराज था और बदला लेने की बात कर रहा था।परिवार का भी कहना है कि इसी पुरानी रंजिश के कारण यह हत्या की गई।
मृतक के बड़े भाई यश चौहान की शिकायत पर असद सहित पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में मारा जा चुका है। एक आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
कैबिनेट मंत्री ने दिया परिवार को रोजगार का आश्वासन
कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने सूर्या के परिवार को आश्वासन दिया है कि उनके परिवार के एक सदस्य को खोड़ा नगर पालिका में संविदा कर्मचारी के रूप में नौकरी दी जाएगी और साथ ही आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को किसी भी तरह से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार उनके साथ खड़ी है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति परिवार पर दबाव बनाने या गुंडागर्दी करने की कोशिश करेगा, तो प्रशासन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
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