Suvendu PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है। इस मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसका नेतृत्व डीआईजी रैंक के अधिकारी करेंगे।
कोलकाता पुलिस से सीबीआई ने संभाली जांच
सीबीआई मंगलवार को कोलकाता पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले लेगी। इससे पहले राज्य पुलिस ने ही इस केस की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।
6 मई की देर रात चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें विवासिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुरुवार देर रात डीजीपी खुद अस्पताल पहुंचे थे।

Suvendu PA Murder Case: जांच में सामने आए अहम तथ्य
डीजीपी ने जानकारी दी थी कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। घटनास्थल से कारतूसों के खोखे और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा था कि मामले की जांच अभी जारी है और इस समय अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
वारदात का तरीका और चश्मदीदों की बात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में चश्मदीदों को लगा कि चंद्रनाथ रथ की कार का काफी देर तक एक चार पहिया वाहन पीछा कर रहा था। बताया गया कि जब उनकी गाड़ी मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तो पीछा कर रही गाड़ी ने ओवरटेक कर रास्ता रोक दिया और फिर गोलीबारी की गई।
हालांकि बाद की जांच में यह भी सामने आया कि असल में उनकी गाड़ी का पीछा एक मोटरसाइकिल से किया जा रहा था।एक अन्य जानकारी के अनुसार, जब गाड़ी दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तब एक चारपहिया वाहन ने रास्ता रोका और मोटरसाइकिल सवार ने फायरिंग शुरू कर दी।
सुनियोजित हत्या का शक
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से पूरी वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल हो सकते हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया था कि चंद्रनाथ रथ की हत्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व की साजिश का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा था कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में मिली भारी हार के बाद यह साजिश रची गई।
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