ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी: “जमीन पर उतरे तो कोई नहीं बचेगा”, जंग में बढ़ा तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच अब बयानबाज़ी और तेज हो गई है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच अब बयानबाज़ी और तेज हो गई है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में पिछले एक महीने से तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Donald Trump और Benjamin Netanyahu की अगुवाई में अमेरिका और इजरायल, ईरान पर दबाव बनाए हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि मिडिल ईस्ट में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ट्रंप ने दावा किया कि ईरान से बातचीत चल रही है। वहीं कुवैत में बिजली संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
इजरायल ने दावा किया है कि बंदर अब्बास पर हमले में ईरान की आईआरजीसी नौसेना के प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी मारे गए। हालांकि इस दावे की अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान-इजरायल युद्ध के 27वें दिन इजरायल ने ईरान के इस्फहान क्षेत्र में बड़े हमले किए। सैन्य ठिकानों और औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। वहीं खाड़ी देशों में ड्रोन हमलों से तनाव बढ़ गया और कुवैत हवाई अड्डे पर आग लग गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दुनिया के नेताओं से ईरान के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है और यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
इजराइल-ईरान तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। Israel Defense Forces (IDF) ने साफ किया है कि ईरान के Natanz uranium enrichment plant पर हुआ हमला इजराइल ने नहीं, बल्कि अमेरिका ने किया है। वहीं, रूस ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
Iran और Israel के बीच जारी युद्ध के बीच United States के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ और ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है।