3 अप्रैल 2026 का पंचांग! जानें शुभ-अशुभ समय और अमृतकाल
3 अप्रैल 2026 का पंचांग बताएगा प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र, व्याघात योग और कौलव करण। जानें शुभ मुहूर्त, अमृतकाल और राहुकाल सहित सभी महत्वपूर्ण समय। शुक्रवार माता लक्ष्मी पूजा के लिए भी शुभ है।
3 अप्रैल 2026 का पंचांग बताएगा प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र, व्याघात योग और कौलव करण। जानें शुभ मुहूर्त, अमृतकाल और राहुकाल सहित सभी महत्वपूर्ण समय। शुक्रवार माता लक्ष्मी पूजा के लिए भी शुभ है।
31 मार्च 2026 मंगलवार का पंचांग कई महत्वपूर्ण योग लेकर आया है। इस दिन त्रयोदशी तिथि, रवि योग और अमृत काल का संयोग बन रहा है। साथ ही दिन के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय भी जानना जरूरी है।
11 मार्च 2026 को शीतला अष्टमी, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष योग है। इस दिन माता शीतला, भगवान कालभैरव और श्रीकृष्ण की पूजा का महत्व है। शुभ मुहूर्त और पंचांग अनुसार व्रत करने से स्वास्थ्य, शांति और भक्ति की प्राप्ति होती है।
10 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली शीतला सप्तमी देवी शीतला को समर्पित है। इस दिन लोग परिवार की स्वास्थ्य रक्षा और रोगमुक्ति की प्रार्थना करते हैं। पूरा दिन बासी भोजन ग्रहण किया जाता है। सूर्योदय, सूर्यास्त, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। यह पर्व धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रतीक है।
6 मार्च पंचांग में दिनभर के शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी दी गई है। इस दिन भद्रा, राहुकाल और भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
4 मार्च के पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र स्थिति की जानकारी दी गई है। इस दिन पूजा और जरूरी कार्य करने का सही समय बताया गया है।
2 मार्च का पंचांग धार्मिक दृष्टि से खास माना गया है। इस दिन चतुर्दशी तिथि, रवि योग और अभिजित मुहूर्त जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जबकि राहुकाल, भद्रा और गंड मूल योग का प्रभाव भी रहेगा।
26 फरवरी का पंचांग धार्मिक दृष्टि से विशेष है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के बाद एकादशी शुरू होगी। मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा तथा रवि योग पूरे दिन शुभ फलदायी माना गया है। अभिजित, विजय और ब्रह्म मुहूर्त जैसे कई शुभ समय उपलब्ध हैं, जबकि राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त में सावधानी रखने की सलाह दी गई है। गुरुवार होने के कारण भगवान नारायण और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी विशेष महत्व है।
18 फरवरी के पंचांग में फाल्गुन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि, शतभिषा नक्षत्र, शिव योग और बव करण का विवरण दिया गया है। गणेश पूजन, ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और अमृत काल का सही समय बताया गया है। राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और पंचक योग जैसी अशुभ अवधि का भी उल्लेख किया गया है।
16 फरवरी पंचांग के अनुसार इस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, विभिन्न शुभ मुहूर्त, योग और अशुभ काल का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे आप सही समय पर अपने महत्वपूर्ण कार्य कर सकें।