TMC Congress Merge: तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर कांग्रेस ने स्पष्ट रुख अपनाया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि दोनों दलों के विलय की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाएं केवल अफवाहें हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
विलय की खबरों को बताया निराधार
गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस (Congress) के एक होने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से पहले भी इस विषय पर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। उनके अनुसार, राजनीतिक हलकों में जो चर्चाएं चल रही हैं, वे केवल अटकलें हैं और उन्हें तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वेणुगोपाल ने दोहराया कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच किसी प्रकार के संगठनात्मक विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों दल लोकतांत्रिक मुद्दों पर सहयोग कर सकते हैं, लेकिन इसका अर्थ विलय नहीं है।
TMC Congress Merge: बैठकों के बाद तेज हुई थीं अटकलें
हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अलग बैठक की थी। इन बैठकों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों और विभिन्न हलकों में दोनों दलों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
हालांकि कांग्रेस महासचिव ने स्पष्ट किया कि इन मुलाकातों का उद्देश्य केवल व्यापक विपक्षी एकता और साझा राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि इन बैठकों को विलय से जोड़ना गलत है।

इंडिया गठबंधन को मजबूत करने पर जोर
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चर्चा का मुख्य विषय विपक्षी गठबंधन को मजबूत करना था। उनके अनुसार, गठबंधन में शामिल सभी दल लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत केवल इसी दायरे तक सीमित थी और कोई अन्य मुद्दा चर्चा में नहीं था।
TMC Congress Merge: कांग्रेस के नए अभियान का ऐलान
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस ने अगले तीन महीनों के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की भी घोषणा की। वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, सामाजिक असमानता और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
उन्होंने मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और केवल एक न्यायालयीन नोटिस की जानकारी न देने के आधार पर उनका नामांकन निरस्त किया गया है।
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