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परीक्षा अनियमितताओं पर देशव्यापी आंदोलन शुरू

CJP Protest

CJP Protest: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर छात्रों और युवाओं का असंतोष अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने गुरुवार से देशव्यापी अभियान की शुरुआत की है। आंदोलन का पहला चरण महाराष्ट्र के पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर से शुरू हुआ, जबकि इसका समापन 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। संगठन ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है।

पुणे से हुई आंदोलन की शुरुआत

आंदोलन की शुरुआत पुणे स्थित विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की मौजूदगी के बीच हुई। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही आंदोलन में शामिल होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दी। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के पहुंचने की खबर के बाद छात्रों में उत्साह और बढ़ गया। संगठन का दावा है कि यह अभियान देशभर के युवाओं की आवाज को एक मंच प्रदान करेगा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाएगा। अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के साथ एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। वीडियो में छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप आंदोलन को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया।

CJP Protest: सोनम वांगचुक ने युवाओं से जुड़ने की अपील की

वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से इस मुहिम का हिस्सा बनने का आग्रह करते हुए बताया कि वे आंदोलनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी चिंताओं और मांगों को सुनेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना आवश्यक है। वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

शिक्षा घोषणा-पत्र में उठाए जाएंगे प्रमुख मुद्दे

पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता में अभिजीत दिपके ने बताया कि आंदोलन के साथ संगठन अपना शिक्षा घोषणा-पत्र भी जारी करेगा। इस दस्तावेज में छात्रों की लंबे समय से लंबित मांगों को शामिल किया गया है। इनमें प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, सरकारी भर्तियों और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय करने जैसी मांगें प्रमुख हैं। इसके अलावा परीक्षा संबंधी देरी और अनियमितताओं के कारण छात्रों को होने वाली मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों के समाधान की भी मांग की गई है। संगठन का कहना है कि 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाला समापन कार्यक्रम इस आंदोलन की अगली दिशा तय करेगा।

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