Traffic Rules: अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि अगर गाड़ी कोई महिला चला रही है तो उसे केवल महिला पुलिसकर्मी ही रोक सकती है या उसका चालान काट सकती है। सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलता रहता है, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा कोई कानून है? आइए जानते हैं सच्चाई।Motor Vehicles Act, 1988 के तहत ट्रैफिक नियम देश के सभी वाहन चालकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे चालक महिला हो या पुरुष। इस कानून में कहीं भी ऐसा प्रावधान नहीं है जो पुरुष पुलिसकर्मी को महिला ड्राइवर को रोकने या उसका चालान जारी करने से रोकता हो।यानी अगर कोई महिला चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती है तो पुरुष ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी उसका चालान काट सकता है। ट्रैफिक कानून पूरी तरह जेंडर न्यूट्रल है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश दिया है?
Supreme Court of India ने भी ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है जिसमें कहा गया हो कि पुरुष पुलिस अधिकारी महिला चालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता।वाहन रोकना, दस्तावेज़ों की जांच करना या चालान जारी करना सामान्य ट्रैफिक ड्यूटी का हिस्सा है। यह गिरफ्तारी की श्रेणी में नहीं आता।
Traffic Rules: गिरफ्तारी और चालान में क्या है अंतर?
अक्सर लोगों में भ्रम गिरफ्तारी से जुड़े नियमों को लेकर होता है। कानून के मुताबिक सूर्यास्त के बाद किसी भी महिला की गिरफ्तारी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही की जानी चाहिए और बिना महिला पुलिसकर्मी के रात में महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। हालांकि यह प्रावधान केवल गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति पर लागू होता है, नियमित ट्रैफिक जांच या चालान की कार्रवाई पर नहीं।साल 2015 में Navi Mumbai Police ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान कई महिला चालकों का चालान पुरुष पुलिसकर्मियों ने ही काटा था, क्योंकि महिला कांस्टेबल की संख्या सीमित थी।पुलिस ने स्पष्ट किया था कि कानून महिला और पुरुष में भेदभाव नहीं करता।
Traffic Rules: महिला ड्राइवरों को जानने चाहिए अपने अधिकार
सड़क पर वाहन चलाते समय महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों की स्पष्ट जानकारी होना बेहद जरूरी है। वैध ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस के साथ सहयोग करना आवश्यक है, क्योंकि दस्तावेज़ों की जांच और चालान जारी करना नियमित ड्यूटी का हिस्सा है। साथ ही, Code of Criminal Procedure, 1973 की धारा 160 के अनुसार किसी भी महिला को पूछताछ के लिए अकेले थाने नहीं बुलाया जा सकता। इसके अलावा, सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही की जा सकती है।यदि किसी भी प्रकार की बदसलूकी या अनुचित व्यवहार की स्थिति बनती है, तो महिला चालक 112 पर कॉल करके तुरंत शिकायत दर्ज करा सकती है या संबंधित राज्य पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती है।महिला ड्राइवर का चालान केवल लेडी पुलिस ही काट सकती है यह धारणा पूरी तरह गलत है। ट्रैफिक नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और चालान काटने का अधिकार पुलिस अधिकारी के पद से जुड़ा होता है, न कि चालक के जेंडर से।ऐसे में जरूरी है कि लोग सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय कानून की सही जानकारी रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
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