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ट्रंप के संभावित भारत दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा

Trump India Tour: ट्रंप का संभावित भारत दौरा, चर्चायें तेज

Trump India Tour: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस बयान के बाद कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं, राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। कई नेताओं ने इसे भारत और अमेरिका के संबंधों को नई मजबूती देने का अवसर बताया है। वहीं, प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद

ऑस्ट्रेलिया इंडिया स्ट्रैटेजिक अलायंस के अध्यक्ष जगविंदर सिंह विर्क ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों में तेजी से बदलाव हो रहा है और कई देशों के बीच संबंध नए सिरे से तय हो रहे हैं। उनके अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। पूर्व जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने भी कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव जरूर आया है, लेकिन यह दौरा नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

Trump India Tour: व्यापार समझौते और रणनीतिक साझेदारी पर नजर

भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृज लाल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का भारत में स्वागत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और ट्रंप की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। वहीं, मार्को रुबियो ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है और अंतरराष्ट्रीय निर्णयों में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

विपक्ष ने व्यापार समझौते पर जताई चिंता

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या वह भी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की अमेरिकी सराहना से सहमत है। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि इससे भारत के किसानों और अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है, जबकि अमेरिका को अधिक लाभ मिलेगा। ऐसे में ट्रंप के संभावित दौरे और व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

 

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