Trump Iran News: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद था और अमेरिका चाहता तो एक ही हमले में सभी को खत्म कर सकता था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचता। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है, इसलिए ऐसा कदम नहीं उठाया गया।
Trump Iran News: ईरान का पलटवार-
ट्रम्प के बयान पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने लिखा, “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपने अयातुल्ला अली खामेनेई को मारकर उनकी सोच को और फैला दिया। आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान।”
Trump Iran News: लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई-
तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में तीसरे दिन भी खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान “डेथ टू अमेरिका” और “डेथ टू इजराइल” के नारे भी लगाए गए। कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम नमाज अदा की गई।
Trump Iran News: 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे –
खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। सुरक्षा के लिए सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई। लोगों की सुविधा के लिए मेट्रो और सरकारी बसों को मुफ्त रखा गया, होटलों में छूट दी गई और हजारों स्कूलों में ठहरने की व्यवस्था की गई।
परमाणु वार्ता पर भी ब्रेक-
अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता फिलहाल रोक दी गई है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया।
5 शहरों से होकर निकलेगी अंतिम यात्रा-
रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर कोम, इराक के करबला और नजफ होते हुए 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
मशहद क्यों है खास-
मशहद शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यहां इमाम रजा की दरगाह स्थित है, जो शिया इस्लाम के आठवें इमाम थे। दुनिया भर से हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
अंतिम संस्कार में कौन-कौन पहुंचा-
खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वहीं उनके बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से समारोह में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें इजराइल से संभावित खतरे के चलते दूर रखा गया।
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