Second Postmortem: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को ट्विशा शर्मा के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दूसरा पोस्टमार्टम कराने और जांच को मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग तेज कर दी। परिवार का आरोप है कि इस पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव है और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ट्विशा के परिजनों ने प्रशासन, पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उन्हें लगातार न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
परिवार ने जांच में हेरफेर का लगाया आरोप
ट्विशा शर्मा की मां रेखा शर्मा ने कहा कि उनका परिवार पिछले कई दिनों से अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक किसी स्तर पर मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रही हैं ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। रेखा शर्मा ने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले की जांच दिल्ली में हो, क्योंकि यहां निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही। उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में जांच प्रभावित हो रही है और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
Second Postmortem: अनुमति मिलने के बाद क्यों रोका गया दूसरा पोस्टमार्टम?
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले अनुमति दी गई, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया, जो कई तरह के संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पहले से ही झूठी प्राथमिकी दर्ज कराकर पूरे मामले को अपने पक्ष में मोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस स्वयं अदालत में आरोपियों को प्रभावशाली बता चुकी है, फिर भी एक आरोपी को खुला छोड़ दिया गया, जिससे मामले को प्रभावित करने की आशंका बढ़ गई है। नवनिधि शर्मा ने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष लगातार मीडिया में बयान देकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
रिटायर्ड मेजर जनरल ने भी उठाए सवाल
रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ट्विशा के परिवार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह सामान्य मौत का मामला नहीं है और पूरे प्रकरण में प्रभावशाली लोगों का दबदबा साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस एक ही पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों का कानून पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में जवाबदेही और कानून का डर होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने बताया कि मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को मोटर रैली निकालने की तैयारी की जा रही है।








