UGC-NET: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने UGC-NET की तीन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराने के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर निशाना साधा है। NTA ने प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी सामने आने के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया है। इन परीक्षाओं की पुनर्परीक्षा सितंबर में होगी।इस फैसले के बाद राहुल गांधी ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों की मेहनत और पैसे को खत्म करने वाली व्यवस्था बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम होना चाहिए था, लेकिन यह आखिरी कदम नहीं हो सकता। उन्होंने NTA के शीर्ष नेतृत्व को भी जवाबदेह बनाए जाने की मांग की।कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 22 से 30 जून के बीच सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की UGC-NET परीक्षाएं हुई थीं। परीक्षा के करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया। राहुल गांधी के मुताबिक, इसकी वजह गलत प्रश्नपत्र तैयार होना और पुराने सवालों को दोबारा पूछा जाना है।
“गलती NTA की, सजा छात्रों को”
राहुल गांधी ने कहा कि हजारों छात्रों ने इन परीक्षाओं के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी। उम्मीदवारों ने आवेदन किया, फीस जमा की और कई बार दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा भी की। अब उन्हें सितंबर में दोबारा वही प्रक्रिया करनी होगी।उन्होंने कहा कि गलती NTA की है, लेकिन उसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर यही सवाल उठाए थे और आगे भी इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।उनके अनुसार, मौजूदा व्यवस्था अब केवल शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि ऐसी मशीन बन गई है जो छात्रों का पैसा, कई साल की मेहनत, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास तक छीन लेती है। इसके बदले छात्रों को कोई निश्चित परिणाम नहीं मिलता, यहां तक कि नौकरी भी नहीं।
पेपर लीक पर राहुल ने पूछा सवाल
राहुल गांधी ने NTA से एक अहम सवाल भी किया। उन्होंने पूछा कि क्या परीक्षा होने से पहले ही इन प्रश्नपत्रों के लीक होने की संभावना थी।उन्होंने कहा कि NTA अब तक इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की दूसरी एजेंसियों की तरह NTA भी अपनी गलतियों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करती।उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही को लेकर सवाल उठे हैं, उसी तरह इस मामले में भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं होने की आशंका है।
NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में पहला कदम होना चाहिए था, आखिरी नहीं। उनके मुताबिक, NTA के शीर्ष नेतृत्व की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी परीक्षा में गलती होती है, तो उसका बोझ छात्रों पर नहीं डाला जाना चाहिए।
छात्रों से बोले- गलती आपकी नहीं
सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है जो एक परीक्षा भी ठीक से आयोजित नहीं कर पा रही है और बाद में इसकी जिम्मेदारी परीक्षा देने वाले छात्रों पर डाल दी जाती है।राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के कीमती साल बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर जवाब नहीं देते, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
सितंबर में होगी पुनर्परीक्षा
NTA ने रद्द की गई तीन UGC-NET परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा कर दी है। इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को आयोजित की जाएगी। वहीं, सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को होगी।इस तरह जिन उम्मीदवारों ने पहले ही जून में ये परीक्षाएं दी थीं, उन्हें अब सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी।
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