Ujjain Shahi Masjid: उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद इन दिनों चर्चा में है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के करीब तीन फीट हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच हुई पत्थरबाजी और पुलिस पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इसी पूरे मामले की जमीनी स्थिति समझने के लिए खबर इंडिया के पत्रकार ने शाही मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की। लोगों से यह जानने की कोशिश की गई कि पत्थरबाजी की घटना के पीछे क्या वजह रही, प्रशासन की कार्रवाई को वे किस नजर से देखते हैं और सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने को लेकर उनकी क्या राय है। बातचीत में कई लोगों ने कहा कि जो गलत करेगा, उसे उसका हिसाब देना होगा। वहीं कुछ लोगों ने माना कि पत्थरबाजी नहीं होनी चाहिए थी और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए था।
सड़क चौड़ीकरण में मंदिर और मस्जिद दोनों आ रहे हैं
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि अगर सड़क को चौड़ा किया जा रहा है तो मंदिर और मस्जिद, दोनों इसकी जद में आ रहे हैं। उनके मुताबिक, जब मंदिर का हिस्सा हटाया गया तो किसी तरह की पत्थरबाजी नहीं हुई, लेकिन मस्जिद का करीब तीन फीट हिस्सा हटाए जाने के दौरान विवाद बढ़ गया। उन्होंने कहा कि उन्हें इन बातों से कोई मतलब नहीं है और उनकी इच्छा है कि सड़क चौड़ी हो तथा शहर में शांति बनी रहे।उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ लगातार बढ़ रही है और ऐसे में रास्ते को चौड़ा करना जरूरी है। उनके अनुसार, प्रशासन को जो करना है वह कर रहा है और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का अंतिम हिसाब अल्लाह करेगा।
Ujjain Shahi Masjid: ‘जो गलत करेगा, उसका हिसाब होगा’
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि अगर सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह ली जा रही थी तो पत्थर फेंकना सही नहीं था। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गलत करेगा, उसे उसका हिसाब देना होगा। उनका कहना था कि शहर में जो भी काम हो रहा है, वह शांति से होना चाहिए।जब उनसे पूछा गया कि मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने को वे अल्लाह की मर्जी मानते हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से जो कुछ हो रहा है, वह अल्लाह की मर्जी से नहीं हो रहा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सड़क चौड़ीकरण का काम हो रहा है तो इसमें सहयोग किया जाना चाहिए।
मंदिर-मस्जिद दोनों के हिस्से हटाने की बात
बातचीत में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कई चीजें हटाई जा रही हैं। मंदिर, मस्जिद और यहां तक कि गार्डन का हिस्सा भी रास्ते की जद में आया है। उन्होंने कहा कि अगर सड़क चौड़ी करने के लिए तीन फीट हिस्सा लिया जा रहा है तो इसमें सहयोग करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मस्जिदों को ‘शहीद’ किए जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक यहां पूरी मस्जिद नहीं हटाई जा रही, बल्कि सड़क की सीमा में आने वाला हिस्सा हटाया जा रहा है।
Ujjain Shahi Masjid: ‘शांति से काम होना चाहिए’
कुछ लोगों ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का काम सही तरीके से और शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी तरह का तनाव या विवाद नहीं होना चाहिए। लोगों ने प्रशासन की मौजूदगी को भी जरूरी बताया और कहा कि शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती ठीक है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनका नाम अल्फेज कुरैशी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में शांति बनी हुई है और प्रशासन शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने पत्थरबाजी करने वालों की गिरफ्तारी को सही बताते हुए कहा कि जो लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
‘अतिक्रमण वाला हिस्सा हटाया जा रहा है’
अल्फेज कुरैशी ने कहा कि मस्जिद को पूरी तरह हटाया नहीं जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए जितना हिस्सा अतिक्रमण की सीमा में आ रहा है, उतना ही हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे मस्जिद को शहीद करना नहीं कहा जा सकता।उन्होंने यह भी कहा कि शहर में बाहर से बड़ी संख्या में लोग आते हैं और आगे होने वाले कुंभ मेले को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है।
Ujjain Shahi Masjid: ‘पत्थर फेंकने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए’
एक अन्य स्थानीय व्यक्ति, जिसने अपना नाम यासीन बताया, ने कहा कि जो कुछ हुआ, उसे देखकर माहौल शांत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पत्थर फेंके, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी पर बिना जानकारी के आरोप नहीं लगाया जा सकता, लेकिन जिसने पत्थर फेंके हैं, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि कुछ लोग दूर से पत्थर फेंकते हैं और सामने आकर अपनी बात नहीं रखते। उनके मुताबिक, किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।
‘पत्थरबाजी नहीं होनी चाहिए थी’
शोनू खान नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि शहर में इस तरह पत्थरबाजी नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन करने वाले लोग गांधी जी के विचारों के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने हल्की-फुल्की पत्थरबाजी कर दी।जब उनसे पूछा गया कि क्या वे गांधीवादी विचारधारा को मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह भी इस विचारधारा को मानते हैं।
Ujjain Shahi Masjid: ‘बेवकूफी करने वालों को पुलिस ने पकड़ लिया’
बातचीत में एक व्यक्ति ने बरेली, कानपुर और दिल्ली के तुर्कमान गेट जैसे पुराने विवादों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि पत्थर फेंकने की विचारधारा कहां से आती है। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने बेवकूफी की और पत्थरबाजी कर दी, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।उन्होंने बताया कि करीब 26 से 28 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम करेगी और लोगों को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।उनका कहना था कि काजी साहब ने जब प्रदर्शन में शामिल न होने की बात कही थी, तो लोगों को भी उसी तरह शांत रहना चाहिए था। उनके मुताबिक, कई दिनों से बैठकर प्रदर्शन किया जा रहा था और लोगों को उसी तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए थी।
‘किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए’
बातचीत में यह भी कहा गया कि किसी को भी किसी के बहकावे में आकर ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे स्थिति बिगड़े। स्थानीय लोगों ने माना कि पत्थरबाजी गलत थी और इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।एक व्यक्ति ने कहा कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन चल रहा था तो पत्थरबाजी करने की जरूरत नहीं थी। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने छोटी-मोटी पत्थरबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
Ujjain Shahi Masjid: ‘बाहर से भी लोग आए थे’
नूर हुसैन नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वह इसी इलाके में रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके मोहल्ले से पत्थरबाजी के मामले में किसी परिचित की गिरफ्तारी की जानकारी उन्हें नहीं है।जब उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी भीड़ कहां से आई, तो उन्होंने कहा कि पूरे शहर में अलग-अलग जगहों से लोग आते हैं और बाहर से आने वाले लोगों की संख्या भी रहती है। उनके मुताबिक, कुछ शरारती लोगों की वजह से स्थिति बिगड़ी, जबकि स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का सहयोग किया।
‘फैसले की जानकारी नहीं थी’
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोगों को रात में हुए फैसले की जानकारी नहीं थी। सुबह जब वे उठे और उन्हें लगा कि मस्जिद का हिस्सा हटाया जा रहा है, तो वे परेशान हो गए। बाद में जब उन्हें पूरे फैसले की जानकारी मिली और इलाके के बड़े लोगों ने समझाया, तो वे शांत हो गए और अपने-अपने घर चले गए।उन्होंने कहा कि लोगों को किसी ने बहकाया नहीं था, बल्कि उन्हें रात में हुए फैसले की जानकारी ही नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।उन्होंने प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि प्रशासन ने काफी शांतिपूर्ण तरीके से काम कराया। उनके मुताबिक, प्रशासन और इलाके के उलेमाओं के बीच कई दिनों तक बैठकें हुईं, जिसके बाद फैसला लिया गया।
Ujjain Shahi Masjid: ‘सड़क चौड़ीकरण का फायदा सभी को होगा’
स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि तीन फीट के दायरे में आने वाला मस्जिद का हिस्सा हटाने का काम अभी भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से इसका सहयोग किया।उनके मुताबिक, सड़क चौड़ी होने से सभी लोगों को फायदा होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की आस्था से जुड़ी पुरानी चीजों को यथासंभव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिद को पूरी तरह नहीं हटाया जा रहा है और इसी तरह शहर में कई मंदिरों और मस्जिदों के कुछ हिस्से पहले भी हटाए गए हैं।
‘गलतफहमी की वजह से बढ़ा विवाद’
स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि उज्जैन की गंगा-जमुनी तहजीब कई वर्षों से चली आ रही है और इसे बनाए रखना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि मंदिरों के हिस्से हटाए जाने पर पत्थरबाजी नहीं हुई, लेकिन मस्जिद के तीन फीट हिस्से को हटाने के दौरान ऐसा क्यों हुआ, तो उन्होंने इसे गलतफहमी का नतीजा बताया।उनके मुताबिक, रात में कुछ लोग मौके पर नहीं पहुंच पाए थे और उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। सुबह जब उन्हें वास्तविक स्थिति और प्रशासन के फैसले के बारे में पता चला तो वे भी शांत हो गए।
Ujjain Shahi Masjid: ‘गलती की तो पुलिस कार्रवाई करेगी’
बातचीत में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि अगर किसी ने गलत किया है तो पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने दोहराया कि पत्थर नहीं फेंकने चाहिए थे।उनका कहना था कि जब मंदिरों के हिस्से हटाए गए और किसी ने आपत्ति नहीं की, तो मस्जिद के तीन फीट हिस्से को हटाने पर भी विवाद नहीं होना चाहिए था। उनके मुताबिक, काजी साहब और उलेमाओं की सहमति के बाद भीड़ का जमा होना गलतफहमी की वजह से हुआ।स्थानीय लोगों से जब पूछा गया कि क्या गिरफ्तार किए गए लोगों में उनका कोई परिचित है, तो अधिकांश ने इससे इनकार किया। बातचीत में यह सवाल भी सामने आया कि अगर इलाके के लोग गिरफ्तार लोगों को नहीं पहचानते, तो इतनी बड़ी भीड़ आखिर कहां से आई थी।
विवाद के बीच शांति की अपील
पूरी बातचीत में स्थानीय लोगों की ओर से एक बात बार-बार सामने आई कि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। लोगों ने पत्थरबाजी को गलत बताया और कहा कि प्रशासन को अपना काम करने देना चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सड़क चौड़ीकरण से शहर को फायदा होगा, लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़ी पुरानी चीजों को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।बातचीत के अंत में पत्रकार ने कुछ अन्य लोगों से भी उनकी राय जानने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोग कैमरे के सामने बात करने से बचते नजर आए। पत्रकार ने कहा कि वह लोगों की बात सुनने के लिए वहां पहुंचे हैं और इस मामले में एकतरफा नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की बातें सामने आनी चाहिए।









