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कांग्रेस की बढ़ती मांग से सपा की मुश्किलें बढ़ेंगी? अखिलेश यादव ने तैयार किया बड़ा प्लान!

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर विपक्षी खेमे में तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा को चुनौती देने के लिए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा सीट बंटवारे को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।

कांग्रेस के लिए सीटों की सूची तैयार कर रही सपा

सूत्रों के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं, सांसदों और विधायकों से सुझाव मांगे हैं कि उनके क्षेत्रों में कांग्रेस को कौन-कौन सी सीटें दी जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि सपा कांग्रेस के लिए करीब 60 से 80 विधानसभा सीटों की सूची तैयार कर रही है। साथ ही पार्टी सभी 403 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों का आकलन भी कर रही है।

UP Election 2027: कांग्रेस रख सकती है 120 सीटों की मांग

दूसरी ओर, कांग्रेस शुरुआती दौर की बातचीत में लगभग 120 सीटों की मांग रख सकती है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंतिम समझौता 70 से 80 सीटों के बीच हो सकता है। सीटों की संख्या और उनकी राजनीतिक उपयोगिता को लेकर दोनों दलों के बीच लंबी बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

गठबंधन पर नेताओं की अलग-अलग राय

हालांकि शीर्ष नेतृत्व गठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहा है, लेकिन दोनों दलों के कई नेता इसे लेकर सहज नहीं हैं। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि चुनाव से पहले गठबंधन होने पर भाजपा को तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर हमला करने का मौका मिल सकता है। वहीं सपा के कुछ नेताओं का तर्क है कि प्रदेश में कांग्रेस का संगठनात्मक आधार अभी भी कमजोर है और ज्यादा सीटें देने से पार्टी के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है।

UP Election 2027: 2024 लोकसभा चुनाव का हवाला

कांग्रेस का दावा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन की सफलता में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वहीं सपा मानती है कि राज्य में उसका जनाधार अधिक मजबूत है, इसलिए सीट बंटवारे में उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

सीट बंटवारा बनेगा सबसे बड़ी चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सपा और कांग्रेस समय रहते सीट बंटवारे पर सहमति बना लेते हैं तो उन्हें चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। लेकिन सीटों की संख्या, क्षेत्रीय प्रभाव और जीतने की संभावनाओं को लेकर दोनों दलों के बीच कठिन मोलभाव होना तय माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर होने वाले 2027 के चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की रूपरेखा और सीटों का फार्मूला प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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