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राहुल-अखिलेश के सियासी दांव के बीच योगी का नया प्लान, यूपी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर बीजेपी का फोकस

यूपी चुनाव से पहले बीजेपी ने तेज की तैयारी
यूपी चुनाव से पहले बीजेपी ने तेज की तैयारी

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के जिला और मंडल स्तर के नेताओं को नए और पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का जोर इस बात पर है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण मतदान से वंचित न रहे।मूल स्क्रिप्ट में दावा किया गया है कि बीजेपी इस अभियान के जरिए नए मतदाताओं तक पहुंचने और चुनाव से पहले अपनी तैयारियों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पार्टी संगठन के स्तर पर काम करने के साथ-साथ हाईटेक कॉल सेंटरों की मदद भी ले रही है।

UP Election 2027: एसआईआर के दौरान कटे थे लाखों मतदाताओं के नाम

मूल स्क्रिप्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 18.70 प्रतिशत बताई गई है।स्क्रिप्ट में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने को कहा था। उन्होंने नेताओं को टिकट की चर्चा के लिए लखनऊ में बैठने के बजाय क्षेत्र में जाकर मतदाताओं से संपर्क करने और पात्र लोगों के नाम सूची में बने रहने या जुड़ने में मदद करने पर जोर दिया था।हालांकि, स्क्रिप्ट के मुताबिक, कुछ नेताओं ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके कारण पार्टी के कुछ समर्थक मतदाताओं के नाम कटने का दावा भी किया गया है। अब पार्टी नए सिरे से मतदाता सूची पर ध्यान दे रही है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कोई कमी न रहे।

नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए शुरू हुई तैयारी

मूल स्क्रिप्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल मार्च-अप्रैल के दौरान विधानसभा चुनाव होने की संभावना को देखते हुए बीजेपी ने नए मतदाताओं को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का विशेष ध्यान निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जाने वाले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर है।इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उन पात्र लोगों के नाम जोड़ना है, जिनका नाम अभी सूची में दर्ज नहीं है। इसमें पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाता भी शामिल हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला और मंडल स्तर के नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में पात्र नए मतदाताओं की पहचान करें और उनके नाम सूची में जुड़वाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।इसके साथ ही नेताओं से मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने को कहा गया है। स्क्रिप्ट के मुताबिक, वोटर लिस्ट को लेकर फैलने वाली अफवाहों और गलत जानकारियों का भी तुरंत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

UP Election 2027: विनोद तावड़े के मार्गदर्शन में हाईटेक कॉल सेंटर

बीजेपी की इस तैयारी में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी सक्रिय हैं। मूल स्क्रिप्ट के अनुसार, उनके मार्गदर्शन में लखनऊ में हाईटेक कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं।इन कॉल सेंटरों के प्रबंधन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और पार्टी के पूर्व आईटी सेल प्रमुख संजय राय संभाल रहे हैं।पार्टी इन कॉल सेंटरों के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य पार्टी के कार्यक्रमों, वरिष्ठ नेताओं के दौरों और संगठन से जुड़ी जरूरी जानकारियों को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाना है।

200 कॉलर्स के साथ शुरू हुआ काम

स्क्रिप्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, लखनऊ में 200 कॉलर्स के साथ इन हाईटेक कॉल सेंटरों की शुरुआत की गई है। ये कॉलर्स सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं से संपर्क करते हैं और उन्हें पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देते हैं।योजना के तहत 15 नवंबर तक टेलीकॉलर्स की संख्या तीन गुना से भी अधिक किए जाने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, दिसंबर तक उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले में ऐसे कॉल सेंटर स्थापित करने की योजना का भी जिक्र किया गया है।इन केंद्रों के जरिए पार्टी नए मतदाताओं तक पहुंचने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगी। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाली जानकारी और फीडबैक को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाने में भी इनकी भूमिका हो सकती है।

UP Election 2027: बीजेपी पहले भी अपना चुकी है यह तरीका

मूल स्क्रिप्ट के मुताबिक, मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क करने के लिए कॉल सेंटरों का इस्तेमाल बीजेपी के लिए नया प्रयोग नहीं है। पार्टी चुनावी राज्यों में इस तरह की व्यवस्था के जरिए संगठन के कामकाज को व्यवस्थित करने की कोशिश करती रही है।इन कॉल सेंटरों के माध्यम से मतदान के दिन तक कार्यकर्ताओं को जरूरी दिशा-निर्देश देने और अलग-अलग क्षेत्रों से फीडबैक जुटाने का काम किया जाता है। इसके बाद मिलने वाली जानकारियां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई जाती हैं।स्क्रिप्ट में हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी इस तरह की व्यवस्था अपनाए जाने का उल्लेख किया गया है।

क्या तीसरी बार मुख्यमंत्री बन पाएंगे योगी आदित्यनाथ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति में मतदाता सूची, नए वोटरों को जोड़ने और संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत पार्टी जिला और मंडल स्तर पर अपनी तैयारियां मजबूत करने में जुटी है।हालांकि, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अभियान और कॉल सेंटरों की स्थापना अपने आप में चुनावी नतीजों की गारंटी नहीं हैं। इन प्रयासों का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा और क्या बीजेपी सत्ता में वापसी कर पाएगी, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।