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यूपी 2027 चुनाव से पहले बौखलाए अखिलेश यादव ने दी धमकी बोले- ‘सत्ता में आए तो करेंगे कड़ी कार्रवाई’

यूपी चुनाव 2027

UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मैनपुरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश का बड़ा बयान

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो फर्जी एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। रोजगार के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को नौकरी देने के मामले में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और युवाओं को बेहतर भविष्य देने का काम करेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी अखिलेश यादव ने कई वादे किए। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर एंबुलेंस सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा तथा गरीबों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। मैनपुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सपा प्रमुख ने महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर आम जनता पर पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी की कमर टूट रही है।

UP Elections 2027: सरकार पर साधा निशाना

बिजली संकट और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग स्मार्ट मीटरों का विरोध कर रहे हैं और कई जगह उन्हें हटाया भी गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एसी में आराम से सोते हैं, जबकि आम जनता घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर है।

सपा प्रमुख ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति को लेकर कहा कि प्रदेश में पीड़ित, परेशान और उपेक्षित वर्ग एकजुट हो रहे हैं। उनके मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव में इस सामाजिक समीकरण का असर देखने को मिला था और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी यही एकता भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनेगी। इस बीच अखिलेश यादव ने दावा किया कि पिछड़े वर्ग, दलित, अल्पसंख्यक और महिलाएं भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी और सामाजिक सद्भाव, भाईचारे तथा विकास के मुद्दों पर जनता के बीच जाएगी।

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