UP News: लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। कांस्टेबल ने वीडियो में विभाग के कई अधिकारियों, विशेषकर IPS अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुनील कुमार शुक्ला को 20 दिनों की छुट्टी पर भेज दिया है।
ड्यूटी लगाने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
वीडियो में कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। उनका दावा है कि गार्ड कमांडर के माध्यम से सिपाहियों और दीवानों से करीब 2 हजार रुपये प्रति माह वसूले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा सिस्टम नीचे से ऊपर तक अधिकारियों की जानकारी में चल रहा है। वीडियो में उन्होंने पुलिस विभाग को काले अंग्रेजों द्वारा चलाया जा रहा तंत्र बताया।
‘काले अंग्रेज पुलिस विभाग चला रहे हैं’
-IPS अफसरों को काले अंग्रेज़ की संज्ञा यूपी पुलिस के एक कांस्टेबल ने दी है
लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील शुक्ला ने आरोप लगाया है कि बिना पैसा खिलाए कुछ नहीं होता है।
सुनिए- 3 मिनट का ये वीडियो 👇🏼 pic.twitter.com/pAGZjYzMCu
— Govind Pratap Singh | GPS (@govindprataps12) May 7, 2026
UP News: हर महीने लाखों रुपये की उगाही का दावा
कांस्टेबल ने दावा किया कि लखनऊ कमिश्नरेट के एक डेटा सेक्शन में 110 से 120 गार्ड तैनात हैं, जहां करीब 500 से 550 ड्यूटी लगाई जाती हैं। आरोप है कि लगभग 400 पुलिसकर्मियों से हर महीने दो-दो हजार रुपये वसूले जाते हैं, जिससे करीब 8 लाख रुपये की उगाही होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी वसूली सिर्फ एक सेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग की कई अन्य इकाइयों में भी इसी तरह का खेल चल रहा है।
मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
वीडियो में सुनील कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि विभाग के भीतर से उन्हें निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है, इसलिए सरकार को सीधे हस्तक्षेप कर मामले की जांच करानी चाहिए। वहीं कांस्टेबल का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस विभाग में चर्चा और हलचल तेज हो गई है। कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।








