UP News: उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला उस समय सियासी हलचल का केंद्र बन गया, जब कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन देर रात अपने समर्थकों के साथ सदर बाजार थाने पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और सांसद के बीच तीखी बहस हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा मामला
पूरा मामला शामली के कांधला थाना क्षेत्र के जसाला गांव निवासी मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, हत्या के आरोप में मृतक के दो दोस्तों सचिन और शुभम को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद के बाद दोनों ने पहले मोनू के साथ शराब पी और फिर उसकी पिटाई कर हत्या कर दी। मृतक की मां के साथ न्याय की मांग को लेकर सांसद इकरा हसन डीआईजी कार्यालय पहुंचीं थीं। इसी दौरान डीआईजी ऑफिस परिसर में पार्किंग और विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष के कुछ लोगों को धारा 151 के तहत शांति भंग के आरोप में हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
सहारनपुर में जेल गए 5 लोगों की कल सुबह रिहाई होगी। धरना खत्म कर सपा सांसद इकरा हसन ने कहा –
“जो गुहार लगाने आए, उन्हीं को जेल भेज दिया गया। अगर पीड़ित की नहीं सुनी जाएगी तो प्रशासन किसकी सुनेगा। यह रामराज्य है” https://t.co/Le3hP5glyS pic.twitter.com/LUhNuq7ybs
— Sachin Gupta (@Sachingupta) May 19, 2026
वहीं पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा और हंगामे जैसी स्थिति पैदा होने पर कार्रवाई की गई। इसी बीच महिला पुलिसकर्मी सांसद इकरा हसन को महिला थाने ले गईं, जहां उन्हें कुछ देर बैठाया गया। इसके बाद नाराज सांसद सदर बाजार थाने में धरने पर बैठ गईं। धरने के दौरान इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। सांसद ने पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय मांगने आए लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
UP News: न्याय मांगने पर अपमान
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और पुलिस अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। बातचीत के दौरान उनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने कहा कि क्या करोगे? गोली चला दोगे? हम डरने वाले नहीं हैं। इस दौरान थाने की बिजली गुल होने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। धरने के दौरान जब एक महिला पुलिसकर्मी सांसद को पानी देने पहुंची तो उन्होंने पानी लेने से इनकार कर दिया। इकरा हसन ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई खुद के लिए नहीं, बल्कि उस मां के लिए है जिसने अपने बेटे को खो दिया और न्याय मांगने पर अपमान झेलना पड़ा।
धरने के दौरान इकरा हसन ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ितों की आवाज भी नहीं सुनी जाएगी तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी। सांसद ने आरोप लगाया कि शोषित और पिछड़े समाज के लोगों के साथ प्रशासनिक स्तर पर अन्याय हो रहा है। सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ देर रात तक थाने में डटी रहीं। उन्होंने साफ कहा था कि जब तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
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