UP News: कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। महिला थाने में लगातार मिल रही शिकायतों और महिला अपराधों की समीक्षा के बाद थाना प्रभारी को हटा दिया गया, जबकि तीन अलग-अलग मामलों में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
महिला थाने में बदलाव
महिला थाने में जनसुनवाई और महिला अपराधों के निस्तारण को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से महिला थाना प्रभारी को हटा दिया। अब बेबी, जो 2015 बैच की दरोगा हैं और फिलहाल साहिबाबाद थाने में तैनात थीं, को महिला थाने का नया एसओ नियुक्त किया गया है।
प्रकरण 1: बदसलूकी और लापरवाही पर निलंबन
साहिबाबाद थाने में तैनात दरोगा गौरव मदरेड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच में उनके द्वारा जनता के साथ गाली-गलौच और पुलिस कार्यों में लापरवाही सामने आई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।
प्रकरण 2: अनुशासनहीनता पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
नंदग्राम थाने में ड्यूटी के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। दरोगा आकाश राय, हेड कांस्टेबल अरुण कुमार और सिपाही सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
प्रकरण 3: चौकी प्रभारी भी लाइन हाजिर
अंकुर विहार थाने में तैनात दरोगा अवनीश कुमार को भी निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया है। वे डाबर तालाब पुलिस चौकी के कार्यवाहक प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
आपको बता दें कि इस कार्रवाई के जरिए पुलिस कमिश्नर ने साफ संदेश दिया है कि विभाग में अनुशासन और जनता के प्रति व्यवहार को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








