Home » राष्ट्रीय » सपा-कांग्रेस से अलग राह पर छोटे दल, चंद्रशेखर से ओवैसी तक सभी यूपी 2027 के प्लान में जुटे

सपा-कांग्रेस से अलग राह पर छोटे दल, चंद्रशेखर से ओवैसी तक सभी यूपी 2027 के प्लान में जुटे

Up Politics

Up Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की सियासत में छोटे दलों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। एक तरफ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे बड़े विपक्षी दल अपने समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद, स्वामी प्रसाद मौर्य, असदुद्दीन ओवैसी, पल्लवी पटेल और राजा भैया जैसे नेता अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं। तीसरे मोर्चे की चर्चाओं के बावजूद अभी तक कोई साझा गठबंधन औपचारिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल है कि इन दलों का 2027 के लिए बड़ा प्लान क्या है और गठबंधन की तस्वीर कहां तक पहुंची है?

चंद्रशेखर आजाद ने पहले ही शुरू कर दी तैयारी

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी ने यूपी में चुनावी तैयारियां काफी पहले शुरू कर दी हैं। जून में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हुई और जुलाई में 45 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए। पार्टी अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां भी बढ़ा रही है। फिलहाल चंद्रशेखर आजाद किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और पार्टी अपने स्तर पर चुनावी जमीन तैयार कर रही है।

Up Politics: स्वामी प्रसाद मौर्य की भी अलग रणनीति

स्वामी प्रसाद मौर्य भी यूपी में लगातार सक्रिय हैं। उनकी अपनी जनता पार्टी के जरिए संगठन को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है। अभी पार्टी किसी गठबंधन में शामिल नहीं है। हालांकि, चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी के साथ राजनीतिक बातचीत की खबरें सामने आई हैं। इससे तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को लेकर चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन औपचारिक तस्वीर अभी साफ नहीं है।

ओवैसी की डेडलाइन से बढ़ी हलचल

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी यूपी में अपनी संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। कानपुर में एक सभा के दौरान ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को 2 अक्टूबर तक का समय देने की बात कही थी और उसके बाद अपनी रणनीति स्पष्ट करने का संकेत दिया। इससे गठबंधन को लेकर अटकलें बढ़ी हैं। हालांकि, फिलहाल कोई अंतिम गठबंधन घोषित नहीं हुआ है।

Up Politics: पल्लवी पटेल की राह भी अभी अलग

सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल की पार्टी भी 2027 के लिए संगठन मजबूत करने में जुटी है। वाराणसी समेत कई क्षेत्रों में पार्टी के कार्यक्रम हुए हैं। पल्लवी पटेल ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडे में रखने की बात कही है। 2022 में उन्होंने सपा के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में दूरी आई। 2027 में वह सपा के साथ जाएंगी या अलग मैदान में उतरेंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

राजा भैया ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया

राजा भैया की जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने 2027 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की घोषणा की है। 2022 में भी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था और दो सीटें जीती थीं। इसलिए छोटे दलों के संभावित साझा मोर्चे के बीच राजा भैया की पार्टी फिलहाल अलग रणनीति पर चल रही है।

बिहार के दल भी यूपी में तलाश रहे जमीन

यूपी के चुनावी मैदान में बिहार की कुछ पार्टियां भी सक्रिय हो रही हैं। जेडीयू संगठन विस्तार और विधानसभा स्तर तक सम्मेलन की तैयारी कर रही है। एलजेपी ने 101 सीटों को विशेष रूप से चिह्नित कर वहां प्रभारियों की नियुक्ति की है और सभी 403 सीटों पर तैयारी की बात कही है। वहीं विकासशील इंसान पार्टी ने भी यूपी में चुनावी भागीदारी का ऐलान किया है और निषाद आरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाया है। इस तरह 2027 से पहले यूपी में छोटे दलों की गतिविधियां कई अलग-अलग दिशाओं में बढ़ रही हैं।

ये भी पढ़ें…UP News: PDA यात्रा पर BJP का बड़ा हमला, अखिलेश घिरे