UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव ने विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी गणित को दिलचस्प बना दिया है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में संख्या बल के हिसाब से बीजेपी सात और समाजवादी पार्टी दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है। असली पेच बची हुई सीट को लेकर है। बीजेपी आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना चाहती है, जबकि सपा तीसरी सीट के लिए अपने पास मौजूद अतिरिक्त वोटों के साथ कुछ और विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर सकती है।
पहले समझिए राज्यसभा का पूरा गणित
उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या 397 बताई जा रही है। राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट चाहिए। संख्या बल के आधार पर बीजेपी-एनडीए के पास सात सीटें निकालने के बाद भी अतिरिक्त वोट बचते हैं, जबकि सपा और कांग्रेस के पास मिलाकर 103 विधायक हैं। दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद सपा के पास करीब 29 अतिरिक्त वोट बचते हैं। ऐसे में तीसरी सीट के लिए उसे लगभग आठ और प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत पड़ती है।
UP Rajya Sabha Election 2026: बीजेपी की आठवीं सीट का क्या है गणित?
बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास सात उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। लेकिन आठवीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। मौजूदा गणित के मुताबिक बीजेपी-एनडीए के पास करीब 294 विधायकों का समर्थन है। आठ सीटों के लिए 296 वोट चाहिए होंगे। यानी सिर्फ दो अतिरिक्त विधायकों का समर्थन मिलने पर बीजेपी आठवीं सीट के लिए जरूरी संख्या तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अचानक महत्वपूर्ण हो गई है।
राजा भैया के दो विधायक क्यों अहम?
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी के विधानसभा में दो विधायक हैं। ऐसे में इन दोनों विधायकों का रुख अतिरिक्त वोटों की इस पूरी लड़ाई में चर्चा का विषय है। अगर ये दोनों विधायक बीजेपी के आठवें उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते हैं तो बीजेपी को जरूरी अतिरिक्त संख्या हासिल करने में मदद मिल सकती है। दूसरी तरफ अगर इन दोनों का समर्थन सपा के उम्मीदवार को मिलता है तो सपा भी अपनी तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्या के करीब पहुंच सकती है। हालांकि राजा भैया के दोनों विधायक किसे वोट देंगे, इसे लेकर कोई अंतिम फैसला मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। मौजूदा चुनाव में कई छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
UP Rajya Sabha Election 2026: सपा की तीसरी सीट के लिए कितने वोट कम?
सपा ने दो उम्मीदवारों के तौर पर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को मैदान में उतारा है। पार्टी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। सपा के पास कांग्रेस के दो विधायकों को मिलाकर 103 का समर्थन माना जा रहा है। दो उम्मीदवारों के लिए 74 वोट इस्तेमाल होने के बाद करीब 29 वोट बचते हैं। तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए 37 वोट चाहिए। यानी सपा को लगभग आठ और प्रथम वरीयता वोट जुटाने होंगे। यहीं से पूरा मुकाबला संख्या बल से निकलकर राजनीतिक मैनेजमेंट की तरफ जाता है।

किसके लिए आसान है विधायकों को अपने पाले में लाना?
कागज पर देखें तो दोनों खेमों के सामने अलग-अलग चुनौती है। बीजेपी को आठवीं सीट के लिए करीब दो अतिरिक्त वोट चाहिए, जबकि सपा को तीसरी सीट के लिए करीब आठ अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। इस लिहाज से दोनों के लक्ष्य अलग हैं और इसी वजह से छोटे दलों तथा अलग-अलग खेमों के विधायकों की भूमिका अहम हो गई है। लेकिन केवल संख्या से यह तय नहीं होता कि कौन सा उम्मीदवार जीत जाएगा। राज्यसभा चुनाव में प्रथम वरीयता के अलावा दूसरी वरीयता के वोट भी उस स्थिति में महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जब अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में हों और मुकाबला करीबी हो।
UP Rajya Sabha Election 2026: क्या क्रॉस वोटिंग सबसे बड़ा फैक्टर बनेगी?
इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि हाल के दिनों में कुछ विधायकों के दूसरे दलों के नेताओं से संपर्क और मुलाकात की खबरें सामने आई हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भी कहा है कि उनकी पार्टी के दो विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय सपा के साथ जा सकते हैं। राजभर के मुताबिक दोनों विधायक पहले सपा के साथ रहे हैं। हालांकि दोनों विधायकों की ओर से इस समय तक कोई ऐसा सार्वजनिक बयान नहीं आया है। इसलिए मतदान के दिन तक हर अतिरिक्त विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण रह सकती है।
2024 का राज्यसभा चुनाव भी क्यों याद किया जा रहा?
मौजूदा चुनाव की तुलना 2024 के राज्यसभा चुनाव से भी की जा रही है। उस समय बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से आठ सीटें जीती थीं, जबकि सपा के तीसरे उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था और क्रॉस वोटिंग की चर्चा हुई थी। इस बार भी बीजेपी आठवीं सीट पर दांव लगा रही है और सपा तीसरी सीट के लिए संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में 2024 का अनुभव दोनों दलों की रणनीति पर असर डाल सकता है।
UP Rajya Sabha Election 2026: दूसरी वरीयता के वोट क्यों होंगे महत्वपूर्ण?
राज्यसभा चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इसमें विधायक उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वोट देते हैं। इसलिए अगर मुकाबला अतिरिक्त उम्मीदवारों के बीच फंसता है तो दूसरी वरीयता के वोट भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यानी सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं होगा कि किस दल के पास कितने विधायक हैं। यह भी देखना होगा कि अतिरिक्त उम्मीदवारों के मैदान में आने के बाद विधायक अपनी पहली और दूसरी पसंद किसे बनाते हैं।
क्या राजा भैया के दो विधायक बन सकते हैं गेमचेंजर?
यही इस चुनाव के सबसे दिलचस्प सवालों में से एक है। दो विधायकों का समर्थन अपने आप में बहुत बड़ा आंकड़ा नहीं है, लेकिन जब किसी उम्मीदवार को जीत के लिए सिर्फ दो अतिरिक्त वोटों की जरूरत हो, तब ये दो वोट बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दूसरी तरफ सपा के लिए भी यही दो विधायक तीसरी सीट के लिए जरूरी अतिरिक्त संख्या जुटाने की दिशा में मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा एसबीएसपी के दो विधायकों को लेकर सामने आई चर्चा और अन्य संभावित क्रॉस वोटिंग भी समीकरण बदल सकती है।
UP Rajya Sabha Election 2026: अब 16 अक्टूबर तक क्या-क्या देखना होगा?
राज्यसभा चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है और मतदान 16 अक्टूबर को होना है। इसलिए अगले कुछ दिनों में तीन चीजें सबसे महत्वपूर्ण रहेंगी—कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में उतरता है, छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का रुख क्या रहता है और क्या किसी खेमे में क्रॉस वोटिंग के संकेत मिलते हैं।
फिलहाल संख्या बल बीजेपी को सात सीटों और सपा को दो सीटों की स्थिति में रखता है। लेकिन आठवीं बीजेपी सीट और तीसरी सपा सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत ने चुनाव को रोचक बना दिया है। यानी इस बार यूपी का राज्यसभा चुनाव सिर्फ विधायकों की गिनती का खेल नहीं है। दो-चार वोटों की दिशा, छोटे दलों का रुख और क्रॉस वोटिंग की स्थिति आखिरी तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।
ये भी पढ़े… छात्रों के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, 4.60 लाख विद्यार्थियों को मिली ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति









