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UPI उपभोक्ताओं को लगा बड़ा झटका, ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज

UPI MDR Charge:

UPI MDR Charge: आज के दौर में हर चार में से तीन व्यक्ति पेमेंट करने के लिए UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में जून 2026 तक UPI उपभोक्ताओं की संख्या 5.49 करोड़ से अधिक है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में UPI के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन होता है। इसी वजह से भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे UPI उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है।

UPI MDR Charge: UPI से भुगतान करने पर लगेगा चार्ज-

भारत में बड़े पैमाने पर UPI से पेमेंट की जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने UPI से भुगतान करने वालों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी चार्ज लगाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, अभी इस प्रस्ताव पर गहन विचार किया जा रहा है।

UPI MDR Charge: ₹2,000 से अधिक का भुगतान करने पर लगेगा चार्ज-

भारत सरकार के अनुसार, यह चार्ज ₹2,000 से अधिक के बिजनेस भुगतान पर लगाया जाएगा। यह 0.25% से 0.4% तक हो सकता है।

रोजमर्रा के UPI भुगतान पर नहीं लगेगा यह चार्ज-

भारत सरकार के अनुसार, मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर पर लागू नहीं किया जाएगा। वहीं, रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, राशन, बिस्कुट आदि के UPI पेमेंट पर भी यह लागू नहीं होगा।

वित्त मंत्री ने रखा प्रस्ताव-

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR लगाने के प्रावधान को हटाने का प्रस्ताव रखा। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR-

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में 23.7 अरब UPI लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि करीब 95 फीसदी लेनदेन पर MDR लागू नहीं होगा

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