Air india: एयर इंडिया ने विमान हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी स्थिति साफ की है। एयरलाइन ने कहा है कि किसी भी परिवार पर अंतिम मुआवजा स्वीकार करने या कानूनी अधिकार छोड़ने के लिए दबाव नहीं बनाया जा रहा है। यह सफाई पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी राधिका मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आई है। राधिका ने एयर इंडिया और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर दावा किया था कि हादसे के पीड़ित परिवारों पर अंतिम मुआवजा समझौते के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है।
राधिका मिश्रा ने उठाए थे सवाल
राधिका मिश्रा का आरोप था कि विमान दुर्घटना की जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने से पहले ही परिवारों से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने को कहा जा रहा है, जिनसे उनके कानूनी अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों को मुकदमा दायर करने के अधिकार छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालांकि एयर इंडिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी शोकग्रस्त परिवार के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है और उन्हें किसी फैसले के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा।
Air india: जांच रिपोर्ट का इंतजार कर सकते हैं परिवार
एयर इंडिया ने कहा कि जिन परिवारों को लगता है कि उन्हें अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए, वे ऐसा कर सकते हैं। एयरलाइन के मुताबिक हादसे की जांच स्वतंत्र रूप से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है और जांच रिपोर्ट कब सार्वजनिक होगी, इसकी जानकारी एयर इंडिया के पास भी नहीं है। कंपनी ने बताया कि अंतिम मुआवजा प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी। उस समय तक अधिकांश अंतरिम भुगतान पूरे किए जा चुके थे और पात्र परिवारों को दावा संबंधी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए थे।
Air india: परिवारों को विकल्प चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा
एयर इंडिया का कहना है कि वह उन परिवारों के संपर्क में है जो मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि तत्काल आर्थिक सहायता लेने और जांच रिपोर्ट का इंतजार करने के बीच किसी एक विकल्प को चुनने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा रहा। एयरलाइन ने यह भी बताया कि उसकी मूल कंपनी टाटा समूह लगातार पीड़ित परिवारों की मदद और राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
AI-171 हादसे में हुई थी विजय रूपाणी की मौत
एयर इंडिया ने जानकारी दी कि टाटा समूह द्वारा स्थापित AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के जरिए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले लगभग सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। यह राशि औपचारिक मुआवजा प्रक्रिया से अलग है। गौरतलब है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में सवार थे। वह अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
260 लोगों की गई थी जान
Air india: यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ था जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर गिर गया था। हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी। वहीं जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी जान गंवाई थी। इस तरह कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।
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