US Iran Tension: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की 7 छोटी नावों को नष्ट कर दिया। उनके अनुसार ये नावें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि, इस दावे पर ईरान की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान को कड़ी चेतावनी
ट्रम्प ने साफ कहा कि ईरान के पास अब दो ही रास्ते हैं या तो वह ईमानदारी से समझौता करे या फिर आगे भी हमलों का सामना करने के लिए तैयार रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज के पास “प्रोजेक्ट फ्रीडम” अभियान शुरू किया। इस अभियान का मकसद वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देना है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच टकराव भी हुआ।वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका पूरा नियंत्रण है और उसकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज वहां से नहीं गुजर सकता।

US Iran Tension: पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
1. यूएई में ड्रोन हमला
ईरान ने यूएई के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन से हमला किया। इस हमले के बाद इंडस्ट्रियल क्षेत्र में आग लग गई। इसमें 3 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
2. प्रोजेक्ट फ्रीडम लागू
अमेरिका ने होर्मुज के आसपास यह अभियान शुरू किया, जिसके तहत वहां फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की बात कही गई है।
3. दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला
होर्मुज में दक्षिण कोरिया के एक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। ट्रम्प के अनुसार यह हमला ईरान ने किया, हालांकि किसी के मारे जाने की खबर नहीं है।
4. जब्त जहाज पाकिस्तान को सौंपा गया
अमेरिका ने ईरान के जब्त जहाज “टूस्का” को पाकिस्तान को सौंप दिया। बाद में इसे 22 क्रू मेंबर के साथ ईरान भेजा गया। यह जहाज 21 अप्रैल को पकड़ा गया था।
5. ईरान में फांसी की सजा
ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में तीन लोगों को फांसी दी गई। इन पर जनवरी 2026 में साजिश रचने का आरोप था। इस साल अब तक 25 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है।
US Iran Tension: फुजैराह हमले पर भारत का कड़ा रुख
फुजैराह में सोमवार को हुए हमले को लेकर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। India ने स्पष्ट कहा कि इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
भारत ने कहा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे हमलों में भारतीयों का घायल होना बेहद चिंता की बात है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सभी पक्षों से हिंसा तुरंत रोकने की अपील
भारत ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों से तुरंत हिंसा बंद करने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा कि आम नागरिकों और जरूरी ढांचों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।भारत का मानना है कि इस तरह के तनावपूर्ण हालात को संभालने का सबसे सही तरीका बातचीत और कूटनीति है। इससे पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
Our statement on the attack on Fujairah ⬇️
🔗 https://t.co/01Nz7g06FR pic.twitter.com/KQAr8R9ciQ
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 5, 2026
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही जारी रखने पर जोर
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जरूरी है और इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।अंत में भारत ने कहा कि वह हर उस कोशिश के साथ खड़ा रहेगा, जिससे इस पूरे विवाद का हल शांति और आपसी समझ के जरिए निकाला जा सके।
अंतरराष्ट्रीय दबाव: चीन से मदद की अपील
अमेरिका ने चीन से कहा है कि वह ईरान पर दबाव बनाए ताकि होर्मुज को खोला जा सके। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने आरोप लगाया कि चीन द्वारा ईरान से तेल खरीदना वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसा है।यह बयान उस समय आया है जब ट्रम्प जल्द ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं।
ईरान का पलटवार: नागरिक जहाजों पर हमले का आरोप
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सैन्य नावों की बजाय दो छोटे नागरिक जहाजों को निशाना बनाया। ये जहाज ओमान से ईरान जा रहे थे और इनमें आम लोगों का सामान था। इस हमले में 5 नागरिकों की मौत का दावा किया गया है।हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि उन्होंने केवल उन नावों को निशाना बनाया जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा थीं।
US FIRES on 2 small CIVILIAN CARGO BOATS — NOT IRGC fast boats — Tasnim
Says 'US aggressor' struck 2 CIVILIAN cargo vessels en route from Oman to Iran — KILLING 5
'Americans must be held ACCOUNTABLE for this CRIME' https://t.co/7j3Oz5m7IG pic.twitter.com/nvzzll919M
— RT (@RT_com) May 5, 2026
चीन का नया कानून: अमेरिकी प्रतिबंधों को चुनौती
चीन ने एक नया कानून लागू किया है, जिसके तहत वह उन कंपनियों पर कार्रवाई कर सकता है जो विदेशी प्रतिबंधों का पालन करती हैं। यह कदम खासतौर पर अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है।चीन ने अपनी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करें। इसमें कई बड़ी रिफाइनरी कंपनियां शामिल हैं।
होर्मुज से जुड़ी प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन
- 4 मार्च: ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण का दावा करते हुए इसे दुश्मनों के लिए बंद घोषित किया।
- 8 अप्रैल: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी, लेकिन होर्मुज बंद ही रहा।
- 13 अप्रैल: पाकिस्तान में शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हुई, जिसके बाद अमेरिका ने दूसरी ओर से नाकेबंदी शुरू की।
- 2 मई: ट्रम्प ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” शुरू करने का ऐलान किया।
दुबई में स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई शुरू
दुबई में 5 मई से 8 मई तक प्राइवेट स्कूल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। यह फैसला छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना के अनुसार उनके किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है और सभी अभियान जारी हैं।
यूएई में भारी नुकसान और हताहत
संयुक्त अरब अमीरात के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर दिया। अब तक 10 लोगों की मौत और 227 लोग घायल हुए हैं, जिनमें भारत सहित कई देशों के नागरिक शामिल हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस संकट का समाधान केवल बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्य देशों की भागीदारी से हालात और बिगड़ सकते हैं।
ट्रम्प का सर्वे पर सवाल
ट्रम्प ने उन सर्वे को गलत बताया जिनमें कहा गया कि केवल 32% लोग इस युद्ध के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वे पक्षपातपूर्ण होते हैं।ट्रम्प ने कहा कि यूएई पर हुआ हमला सीजफायर का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मिसाइलों को पहले ही नष्ट कर दिया गया था और मामले की जांच की जा रही है।

ओबामा का बड़ा खुलासा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रम्प को ईरान पर हमला करने के लिए मनाया।ओबामा का मानना है कि ईरान पर हमला करने से समस्या खत्म नहीं हुई, बल्कि अमेरिका अब भी उसी संकट से जूझ रहा है।
डेनमार्क की एक कंपनी का व्यापारिक जहाज अमेरिकी सुरक्षा में होर्मुज से सुरक्षित बाहर निकल गया।कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूएई के समर्थन में बयान दिया और शांति की अपील की।
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