US-Israel-Iran War: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ जो जंग शुरू की थी, वह फिलहाल थम चुकी है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। इससे भारतीय शेयर बाजार में दमदार तेजी देखने को मिली।बुधवार को दिन के अंत में सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,563.90 और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.35 पर था।
लाल निशान में बंद नहीं हुआ कोई भी सूचकांक
बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई। इसका नेतृत्व रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स ने किया। निफ्टी रियल्टी (6.75 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (6.69 प्रतिशत) की मजबूती के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी प्राइवेट बैंक (5.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (5.54 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (5.46 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरबेल्स (5.23 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (4.13 प्रतिशत) की मजबूती के साथ बंद हुआ। कोई भी सूचकांक लाल निशान में बंद नहीं हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूत बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,799.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई गेनर्स थे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही लाल निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूत बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,799.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई गेनर्स थे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही लाल निशान में बंद हुए।
US-Israel-Iran War: मार्केटकैप 446 लाख करोड़ रुपए हुआ
बाजार में तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़कर करीब 446 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 429 लाख करोड़ रुपए था।
वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार हुआ है और इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफलियो में ऐसे लार्जकैप को शामिल करना चाहिए, जिनकी आय मजबूत हो।
वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार हुआ है और इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफलियो में ऐसे लार्जकैप को शामिल करना चाहिए, जिनकी आय मजबूत हो।
US-Israel-Iran War: कच्चे तेल की कीमतों मे गिरावट
युद्ध विराम के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 14 प्रतिशत कम होकर 94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।








