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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव कैसे होते हैं? जानें पूरी प्रक्रिया और ट्रंप के लिए क्यों हैं अहम

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव कैसे होते हैं?
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव कैसे होते हैं?

US Midterm Elections: अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं। इस चुनाव में अमेरिकी मतदाता देश की संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों को चुनेंगे। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम सीधे तौर पर मतपत्र पर नहीं होगा, लेकिन चुनाव के नतीजों का असर उनके कार्यकाल पर जरूर पड़ेगा। इनसे तय होगा कि अगले दो वर्षों में ट्रंप अपनी योजनाओं और नीतियों को कितनी आसानी से लागू कर पाएंगे।आइए आसान भाषा में समझते हैं कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव क्या होते हैं, इनकी प्रक्रिया कैसे पूरी होती है और इनके नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।

US Midterm Elections: क्या होते हैं अमेरिका के मध्यावधि चुनाव?

अमेरिका में चुनाव मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं। पहला राष्ट्रपति चुनाव और दूसरा मध्यावधि चुनाव।

राष्ट्रपति चुनाव: अमेरिका में हर 4 साल में राष्ट्रपति चुना जाता है। नवंबर 2024 में हुए चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने और व्हाइट हाउस पहुंचे।

मध्यावधि चुनाव: राष्ट्रपति के 4 साल के कार्यकाल के बीच यानी 2 साल बाद होने वाले चुनावों को मध्यावधि या मिडटर्म चुनाव कहा जाता है। इनमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों को चुना जाता है।इस चुनाव के जरिए मतदाता यह तय करते हैं कि संसद के दोनों सदनों में किस राजनीतिक दल का प्रभाव रहेगा।

अमेरिकी संसद में कितनी सीटों पर होता है चुनाव?

अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दो सदन हैं। पहला हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और दूसरा सीनेट। दोनों सदनों के सदस्यों का चुनाव अलग-अलग समय पर होता है।हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को प्रतिनिधि सभा भी कहा जाता है। यह अमेरिकी संसद का निचला सदन है। इसमें कुल 435 सदस्य होते हैं और हर सदस्य का कार्यकाल 2 साल का होता है।इसी वजह से मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान कराया जाता है। इन सीटों के नतीजों से तय होता है कि अगले दो वर्षों तक इस सदन में किस पार्टी का बहुमत रहेगा।

US Midterm Elections: सीनेट की 35 सीटों पर होगा फैसला

सीनेट अमेरिकी संसद का ऊपरी सदन है। इसमें कुल 100 सदस्य होते हैं। अमेरिका के हर राज्य से 2 सीनेटर चुने जाते हैं। सीनेटर का कार्यकाल 6 साल का होता है।सीनेट की सभी सीटों पर एक साथ चुनाव नहीं होता। हर 2 साल में करीब एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान कराया जाता है। इस बार 35 सीनेटरों के चुनाव का फैसला मतदाता करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं मिडटर्म चुनाव?

अमेरिकी राजनीति में कांग्रेस की भूमिका काफी अहम है। देश में कानून बनाने, सरकारी बजट को मंजूरी देने और सरकार के खर्चों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी इसी संसद की होती है। इसके अलावा कांग्रेस राष्ट्रपति के फैसलों और अधिकारों पर भी नियंत्रण रख सकती है।फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल है। हालांकि, यह बहुमत बहुत कम है। इसके कारण ट्रंप सरकार को अपने प्रस्तावों और कानूनों को संसद से मंजूरी दिलाने में मदद मिलती है।वहीं, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की कोशिश है कि वह कम से कम एक सदन में बहुमत हासिल कर ले। खासतौर पर उसकी नजर प्रतिनिधि सभा पर है।

US Midterm Elections: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव कैसे होते हैं?
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव कैसे होते हैं?
US Midterm Elections: बहुमत छिनने पर मुश्किल हो सकती है ट्रंप की राह

अगर डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेती है, तो ट्रंप के लिए अपने प्रमुख प्रस्तावों और बजट योजनाओं को मंजूरी दिलाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है।इसके अलावा, डेमोक्रेट्स को राष्ट्रपति प्रशासन के कामकाज की जांच करने और उससे जुड़े मुद्दों पर संसदीय जांच शुरू करने का अवसर भी मिल सकता है। ऐसे में चुनाव के नतीजे ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की राय भी बताएंगे नतीजे

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव को अक्सर मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जाता है। इसे राष्ट्रपति के लिए एक तरह का रिपोर्ट कार्ड भी कहा जाता है।अमेरिका के चुनावी इतिहास में अक्सर ऐसा देखा गया है कि जिस पार्टी का राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में होता है, उसे मध्यावधि चुनाव में अपनी सीटें गंवानी पड़ती हैं। हालांकि, हर चुनाव में ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है।

US Midterm Elections: महंगाई से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, ये हैं बड़े मुद्दे

इस बार अमेरिकी मतदाताओं के सामने कई अहम मुद्दे हैं। इनमें बढ़ती महंगाई, रोजमर्रा की चीजों पर होने वाला खर्च, अर्थव्यवस्था, आव्रजन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।इन मुद्दों पर सरकार का कामकाज और जनता की राय चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपनी पार्टी का संसद में बहुमत बनाए रखने की चुनौती है।अब देखना होगा कि अमेरिकी मतदाता रिपब्लिकन पार्टी को दोनों सदनों में समर्थन देते हैं या डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत हासिल करने का मौका मिलता है। इन नतीजों से यह भी तय होगा कि ट्रंप अपने कार्यकाल के बाकी दो वर्षों में अपनी नीतियों को कितनी आसानी से आगे बढ़ा पाएंगे।