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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में हासिल किया बहुमत; भारतीय मूल के नेताओं ने भी दर्ज की जीत

अमेरिकी संसद में बदला सत्ता का समीकरण
अमेरिकी संसद में बदला सत्ता का समीकरण

US Midterm Elections: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बनकर सामने आए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है। वहीं, प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भी शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेट्स आगे चल रहे हैं।नतीजों के शुरुआती संकेत मिलने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा कि वह चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने विपक्षी पार्टी के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही।

US Midterm Elections: प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी आगे

अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। इस बार सभी सीटों पर चुनाव कराया गया। शुरुआती मतगणना में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार 187 सीटों पर आगे थे, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 101 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी।इन आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स की स्थिति बेहतर दिखाई दे रही थी। हालांकि, सभी सीटों की गिनती पूरी होने के बाद ही सदन में बहुमत की स्थिति स्पष्ट होगी।

सीनेट में डेमोक्रेट्स ने हासिल किया बहुमत

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं। इस चुनाव में 35 सीटों के लिए मतदान हुआ। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 23 सीटों के नतीजे सामने आ चुके थे। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी को 15 और रिपब्लिकन पार्टी को 8 सीटों पर जीत मिली थी। बाकी 12 सीटों पर मतगणना जारी थी।पहले से मौजूद सीटों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास कुल 51 सीटें हो गईं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के खाते में 39 सीटें थीं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। इस तरह डेमोक्रेटिक पार्टी ने सदन में बहुमत हासिल कर लिया।

US Midterm Elections: गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स को बढ़त

अमेरिका के 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए। शुरुआती नतीजों में 14 राज्यों के परिणाम सामने आए थे। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने 10 और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों ने 4 राज्यों में जीत दर्ज की। बाकी राज्यों में वोटों की गिनती जारी थी।

US Midterm Elections: अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं का प्रदर्शन
अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं का प्रदर्शन
विवेक रामास्वामी को ओहायो में हार का सामना करना पड़ा

भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव नहीं जीत सके। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें शिकस्त दी। इस जीत के साथ करीब 20 साल बाद ओहायो में डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार गवर्नर बनने जा रहा है। एमी एक्टन राज्य की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर भी होंगी।40 वर्षीय विवेक रामास्वामी ने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया और डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन दिया।ओहायो के गवर्नर चुनाव में ट्रंप ने भी रामास्वामी के पक्ष में प्रचार किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। इसके बावजूद रामास्वामी को जीत नहीं मिली।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर शामिल हैं। इन नेताओं ने अलग-अलग राज्यों में चुनाव जीतकर अमेरिकी राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

US Midterm Elections: पिया डंडिया फ्लोरिडा से पहुंचीं अमेरिकी प्रतिनिधि सभा

डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व मरीन सैनिक केसी अस्कार को हराया।मंगलवार को आए नतीजों के अनुसार, पिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कार को 49.1 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इस जीत के साथ पिया अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय मूल की नई सदस्य बन गईं।पिया के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे। राजनीति में आने से पहले वह एक हाई स्कूल में प्रिंसिपल के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए एक स्कूल भी शुरू किया था। इसका मकसद ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना था।

सुहास सुब्रमण्यम ने दूसरी बार जीता चुनाव

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव फिर जीत लिया है। वह राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं।40 वर्षीय सुहास ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। उन्हें कुल वोटों में से 61.5 प्रतिशत से अधिक मत मिले। वहीं, रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 36.4 प्रतिशत वोट हासिल हुए।सुहास के माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उन्होंने हरिकेन कैटरीना से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण के काम के लिए स्वयंसेवकों को एक साथ लाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

US Midterm Elections: अरुणा मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर फिर चुनी गईं

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने भी चुनाव में जीत दर्ज की है। वह मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा चुनी गई हैं। उन्होंने गवर्नर वेस मूर के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप तथा उनके साथी को हराया।इस जीत के बाद अरुणा मिलर राज्य के प्रशासन में एक और कार्यकाल तक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी। उनकी सफलता से अमेरिकी राज्य के नेतृत्व में भारतीय मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व भी बना रहेगा।चुनाव से पहले अरुणा मिलर ने अमेरिका के लोगों, खासकर प्रवासी समुदायों से मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि वे अपने वोट के जरिए ट्रंप और जेडी वेंस के प्रशासन को जवाबदेह बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।अरुणा मिलर का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था। भारतीय मूल की होने के बावजूद उन्होंने अमेरिका की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।