USA-IRAN WAR: ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो उसका “कड़ा और जोरदार जवाब” दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही हथियारबंद नौकाओं पर हमला किया।
IRGC बोला- होर्मुज पर हमारा ‘स्मार्ट कंट्रोल’
IRGC ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज उसकी निगरानी और सुरक्षा में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकाले गए। इनमें तेल टैंकर, कंटेनर शिप और अन्य कारोबारी जहाज शामिल थे। ईरानी एजेंसी सेपा न्यूज के मुताबिक, जहाजों को पहले अनुमति लेनी पड़ी और फिर उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया गया। IRGC ने कहा कि उसकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर “स्मार्ट और कड़ा नियंत्रण” बनाए हुए है।
USA-IRAN WAR: अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना ने “आत्मरक्षा” में कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि निशाने पर ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और वे नौकाएं थीं जो समुद्र में माइन बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिका ने कहा कि सीजफायर के बावजूद वह अपने सैनिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा करता रहेगा।
सीजफायर पर बढ़ा खतरा
8 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे इस टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। खासतौर पर तेल और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से 100 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा, जबकि 4 जहाजों को रोका गया।
USA-IRAN WAR: इजरायल-अमेरिका से जुड़े जहाजों पर सख्ती
ईरान ने 28 फरवरी से उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने से इनकार कर दिया था, जिनका संबंध इजरायल या अमेरिका से माना गया। यह फैसला ईरानी क्षेत्र पर संयुक्त हमलों के बाद लिया गया था। इसके बाद से होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े तो दुनिया भर में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है।








