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उरई की बेटी ने बढ़ाया देश का मान, रक्षा मंत्रालय में मिला देश का इकलौता पद सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

Uttar pradesh: उरई की बेटी ने बढ़ाया देश का मान, रक्षा मंत्रालय में मिला देश का इकलौता पद सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

Uttar pradesh: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर की रहने वाली डॉ. प्रतिमा शर्मा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर एक खास उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन रक्षा मंत्रालय के सिग्नल इंटेलिजेंस निदेशालय में फारसी भाषा के अनुवादक के पद पर हुआ है। उल्लेखनीय बात यह है कि पूरे देश में इस पद की संख्या केवल एक है।डॉ. प्रतिमा की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ उरई शहर और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक सफलता मान रहे हैं।

कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी

रक्षा मंत्रालय के इस विभाग में विदेशी भाषाओं के विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। फारसी भाषा से जुड़े मामलों के लिए यहां विशेष अनुवादक की नियुक्ति की जाती है। चूंकि इस पद की संख्या पूरे देश में केवल एक है, इसलिए इसके लिए चयन प्रक्रिया काफी कठिन मानी जाती है।डॉ. प्रतिमा शर्मा ने अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार किया और इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुनी गईं।

Uttar pradesh: जेएनयू से की उच्च शिक्षा

डॉ. प्रतिमा शर्मा ने अपनी पढ़ाई जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली से पूरी की है। उन्होंने फारसी भाषा में पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
फारसी भाषा और उससे जुड़ी संस्कृति पर उनकी गहरी समझ है। अपने शोध और अध्ययन के दौरान उन्होंने इस भाषा के साहित्य, इतिहास और सामाजिक संदर्भों का विस्तृत अध्ययन किया।

Uttar pradesh: आकाशवाणी में भी निभा चुकी हैं भूमिका

रक्षा मंत्रालय में चयन से पहले डॉ. प्रतिमा आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से भी जुड़ी रही हैं। वहां उन्होंने फारसी भाषा से जुड़े कार्यक्रमों और प्रसारण में योगदान दिया।इस अनुभव ने उन्हें भाषा के व्यावहारिक उपयोग और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों को समझने का अवसर दिया, जिससे उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई।उरई जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना आसान नहीं होता। इस सफर में डॉ. प्रतिमा शर्मा ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत और धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।आज उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण और मेहनत के दम पर कोई भी व्यक्ति बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है।

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