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Vande Mataram: वंदे मातरम पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस नेता बोले- ‘फांसी दे दो या जेल भेज दो, दो ही छंद गाऊंगा’

Vande Mataram: वंदे मातरम पर सियासी संग्राम तेज, कांग्रेस नेता बोले- ‘फांसी दे दो या जेल भेज दो, दो ही छंद गाऊंगा’

Vande Mataram: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे छंद गाने को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के बयान ने इस बहस को और गरमा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे उन्हें फांसी दी जाए या जेल भेज दिया जाए, वह वंदे मातरम के दो ही छंद गाएंगे। उनका कहना है कि कर्नाटक में भी दो छंद ही गाए जाते हैं।

दो छंद बनाम पूरे वंदे मातरम पर घमासान

बीके हरिप्रसाद का बयान ऐसे समय आया है, जब वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तकरार तेज है। बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण का सम्मान न करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी पुरानी परंपरा और ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला दे रही है।बीजेपी की ओर से कांग्रेस के कुछ कार्यक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, जहां कथित तौर पर वंदे मातरम के पूरे संस्करण के बजाय केवल दो छंद गाए गए। इसी विवाद के बीच हरिप्रसाद का बयान सामने आया है।

Vande Mataram: खरगे ने भी बीजेपी पर साधा निशाना

विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वही वंदे मातरम गाया है, जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं के दौर में गाया जाता रहा है।खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसे अपराध माना जा रहा है तो फिर उन ऐतिहासिक नेताओं पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की एक पुरानी परंपरा रही है और अचानक किसी के कहने से कोई नया नियम इतिहास नहीं बन जाता।

Vande Mataram: वंदे मातरम के छह छंद को लेकर क्या है नया विवाद?

वंदे मातरम मूल रूप से छह छंदों वाला गीत है। लंबे समय से राष्ट्रीय कार्यक्रमों में इसके शुरुआती दो छंद ही प्रमुख रूप से गाए जाते रहे हैं। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके पूर्ण छह छंदों वाले संस्करण को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।इन दिशानिर्देशों के मुताबिक, जब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो वंदे मातरम के छह छंदों वाले संस्करण को प्राथमिकता दी जानी है। इससे पहले सार्वजनिक और आधिकारिक आयोजनों में आमतौर पर शुरुआती दो छंद ही सुनने को मिलते थे।

15 अगस्त के बाद और गरमाया मामला

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से इस बार वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण की प्रस्तुति को भी इस बहस से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके बाद से ही पूरे छह छंद गाने और पारंपरिक रूप से गाए जाने वाले दो छंदों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।अब बीके हरिप्रसाद के ‘दो ही छंद गाऊंगा’ वाले बयान ने इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है। बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस अपने रुख को परंपरा और ऐतिहासिक निर्णयों से जोड़कर बचाव कर रही है।

Vande Mataram: बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल

वंदे मातरम पर यह विवाद अब सिर्फ गीत के छंदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ राजनीति, इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान का मुद्दा भी जुड़ गया है। बीके हरिप्रसाद के बयान के बाद आने वाले दिनों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।

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