India-China Relations: विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को भारत-चीन संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों की दिशा काफी हद तक सीमा पर मौजूद हालात पर निर्भर करेगी। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में चीनी सैनिकों की कथित घुसपैठ के सवाल पर सीधे तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पर शांति और स्थिरता का दोनों देशों के रिश्तों पर सीधा असर पड़ता है।
India-China Relations: WMCC की बैठक में भी उठा था सीमा का मुद्दा-
भारत ने 6 अगस्त को नई दिल्ली में हुई भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए गठित कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक में भी LAC की स्थिति पर चर्चा की थी। बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। साथ ही, सीमा से जुड़े मुद्दों को मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों के जरिए सुलझाने पर सहमति जताई गई।
India-China Relations: अरुणाचल में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबरें-
कुछ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के पुकार ला और ओल्लो क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने चीनी सैनिकों को कथित तौर पर भारतीय क्षेत्र में घुसते देखने का दावा किया था। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इन रिपोर्टों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि सीमा पर भारतीय सेना तैनात है और वह देश की सुरक्षा करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने सेना और स्थानीय संगठनों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने की बात भी कही थी।
चीन की आपत्ति पर भारत का दो टूक जवाब-
अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के मानक नाम तय करने के भारत सरकार के फैसले पर चीन ने आपत्ति जताई थी। विदेश मंत्रालय ने चीन के इस विरोध को सिरे से खारिज कर दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और इस वास्तविकता को कोई भी चीज नहीं बदल सकती। चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ कहता है और इस क्षेत्र पर भारत की संप्रभुता को स्वीकार नहीं करता। भारत की ओर से इन स्थानों को सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर आधिकारिक रूप से चिह्नित किया गया है।
‘मक्का समझौते’ पर भी भारत की नजर-
विदेश मंत्रालय ने भारत, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल में हुए ‘मक्का समझौते’ को लेकर भी भारत का रुख स्पष्ट किया। मंत्रालय के मुताबिक, भारत पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है। इस समझौते के संभावित प्रभावों का आकलन राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के नजरिए से किया जा रहा है। भारत ने साफ किया है कि वह इस समझौते के प्रभावों का अध्ययन करने के बाद ही इसके व्यापक असर को लेकर अपना आकलन सामने रखेगा।
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