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क्या संजीव सान्याल बनेंगे पश्चिम बंगाल के नए वित्तमंत्री? नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज

West bengal: Sanjeev Sanyal को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्हें राज्य का नया वित्तमंत्री बनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि वह नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। यह सीट मौजूदा मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के विधायक पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई बताई जा रही है। फिलहाल राज्य का वित्त मंत्रालय भी शुभेंदु अधिकारी के पास है, लेकिन चर्चा है कि संजीव सान्याल को विधायक बनाकर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद में अहम भूमिका

संजीव सान्याल इस समय प्रधानमंत्री Narendra Modi की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्णकालिक सदस्य हैं। वह इससे पहले करीब पांच साल तक भारत सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार भी रह चुके हैं। आर्थिक मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ और अंतरराष्ट्रीय अनुभव की वजह से उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों में गिना जाता है। वह Deutsche Bank में भी लंबे समय तक ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट और मैनेजिंग डायरेक्टर जैसे बड़े पदों पर काम कर चुके हैं।

West bengal: कोलकाता से ऑक्सफोर्ड तक का सफर

27 अगस्त 1970 को कोलकाता में जन्मे संजीव सान्याल ने शुरुआती पढ़ाई सेंट जेवियर्स और सेंट जेम्स स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने Shri Ram College of Commerce से अर्थशास्त्र में बीए किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें रोड्स स्कॉलरशिप मिली, जिसके जरिए उन्होंने University of Oxford के सेंट जॉन्स कॉलेज से बीए पीपीई और एमएससी इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की। उनके परिवार का भी राजनीति और सार्वजनिक जीवन से पुराना संबंध रहा है। उनके परदादा नलिनाक्ष सान्याल एकीकृत बंगाल की प्रांतीय असेंबली में कांग्रेस के चीफ व्हिप रह चुके थे।

सरकार और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी निभाई बड़ी जिम्मेदारी

West bengal: संजीव सान्याल फरवरी 2022 से प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में सचिव स्तर के सदस्य हैं। इसके अलावा अक्टूबर 2024 से वह Gokhale Institute of Politics and Economics के कुलाधिपति भी हैं। सरकारी सेवा में आने से पहले उन्होंने ड्यूश बैंक में 20 साल से ज्यादा समय तक काम किया। साल 2010 में उन्हें विश्व आर्थिक मंच की ओर से “यंग ग्लोबल लीडर” भी चुना गया था। वह G-20, G-7 और OECD जैसी कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब बंगाल की राजनीति में उनके नाम की चर्चा ने राज्य का सियासी माहौल और गर्म कर दिया है।

 

 

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