Women Reservation Bill: नई दिल्ली में संसद का विशेष सत्र देर रात तक चला, जहां महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर चर्चा हुई। लोकसभा की कार्यवाही को कई बार बढ़ाया गया और अंततः रात करीब 1:20 बजे स्थगित किया गया।
महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि देर रात तक बड़ी संख्या में महिला सांसद सदन में मौजूद रहीं, जो इस मुद्दे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Women Reservation Bill: पक्ष-विपक्ष ने रखी अपनी बात
चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, प्रियंका गांधी, कंगना रनौत, के.सी. वेणुगोपाल और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
पीएम मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक पल’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से देश को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने सभी दलों से 33% आरक्षण के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की।
Women Reservation Bill: क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है। इसका उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देना है।
आगे की राह
इस विधेयक पर जारी बहस ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बिल सर्वसम्मति से पास होगा या इस पर और राजनीतिक टकराव देखने को मिलेगा।
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