Yadav Surname Controversy: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक बार फिर अपने बयानों को लेकर राजनीतिक विवादों के केंद्र में हैं। पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के जमीन खरीद मामले में उनके बचाव में उतरने और फिर अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा एवं सीसीटीवी विवाद में आरोपी के ‘यादव’ सरनेम को लेकर बीजेपी पर हमला बोलने के बाद विपक्ष ने ही उनके रुख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तो यहां तक कह दिया कि समाजवादी पार्टी का समाजवाद अब केवल ‘यादव समाजवाद’ बनकर रह गया है।
मोहन यादव के बचाव में उतरे, बीजेपी की साजिश का लगाया आरोप
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन खरीद को लेकर कांग्रेस के हमलों के बीच अखिलेश यादव खुलकर उनके समर्थन में आ गए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए बीजेपी के भीतर ही साजिश रची जा रही है। अखिलेश ने कहा कि मोहन यादव पहले से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे हैं, इसलिए जमीन खरीदना कोई नई बात नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी सैकड़ों एकड़ जमीन लेने का आरोप लगाते हुए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर अपने ही मुख्यमंत्रियों के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप जड़ दिया।
Yadav Surname Controversy:ओवैसी का पलटवार, बोले- यही है ‘यादव समाजवाद’
अखिलेश यादव का यह रुख विपक्षी खेमे में भी सवालों के घेरे में आ गया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोलते हुए तंज कसा कि भाजपा के मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा के लिए अखिलेश मैदान में उतर गए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि जब उत्तर प्रदेश में मुसलमानों से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, तब समाजवादी पार्टी की आवाज कमजोर पड़ जाती है, लेकिन भाजपा के एक ‘यादव’ मुख्यमंत्री के लिए खुलकर समर्थन दिखाई देता है। उन्होंने इसे ‘यादव समाजवाद’ की राजनीति करार दिया।
Yadav Surname Controversy:राम मंदिर विवाद में भी सरनेम की राजनीति का आरोप
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में चढ़ावे, भ्रष्टाचार और सीसीटीवी फुटेज गायब होने के मामले में ‘टिन्नू यादव’ नाम सामने आने के बाद भी सियासत तेज हो गई। अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सिर्फ आरोपी के नाम के पीछे ‘यादव’ सरनेम होने के कारण उसे उनका रिश्तेदार बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं पर चर्चा करने के बजाय सरकार जातीय राजनीति कर रही है।
‘यादव सरनेम है तो क्या मेरा रिश्तेदार हो गया?’
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के नाम के पीछे ‘यादव’ सरनेम लगा होने का मतलब यह नहीं कि वह उनका रिश्तेदार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर पूरे यादव समाज को बदनाम करने की कोशिश कर रही है और असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जाति की राजनीति कर रही है।
Yadav Surname Controversy: बयानों से बढ़ा राजनीतिक घमासान
एक ओर अखिलेश यादव बीजेपी पर साजिश और जातीय राजनीति के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्षी दल ही उनके रुख पर सवाल उठा रहे हैं। मोहन यादव के बचाव और राम मंदिर विवाद पर दिए गए बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होता दिखाई दे रहा है।
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