IND vs SL: 9 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलेगा भारत, बारिश और चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता

IND vs SL:

IND vs SL: शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम नौ साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने पहुंच चुकी है। टीम मंगलवार को कोलंबो पहुंची और बुधवार से ही अभ्यास शुरू कर दिया। भारत के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में अपनी स्थिति मजबूत करने का भी बड़ा मौका है। भारतीय टीम 15 अगस्त से पहला टेस्ट खेलेगी, जबकि उससे पहले 7 अगस्त से श्रीलंका बोर्ड प्रेसिडेंट एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी।

IND vs SL: कोलंबो में शुरू हुई टीम इंडिया की तैयारी-

भारतीय टीम ने कोलंबो के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (NCC) मैदान पर पहला अभ्यास सत्र किया। खिलाड़ियों को तीन अभ्यास पिच और चार इंडोर नेट उपलब्ध कराए गए हैं। टीम का लक्ष्य श्रीलंकाई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना और पहले टेस्ट से पहले सही संयोजन तैयार करना है।

IND vs SL: बारिश बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती-

टीम इंडिया की तैयारियों के बीच मौसम सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। कोलंबो में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना 50 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है। NCC मैदान की ड्रेनेज व्यवस्था भी बहुत अच्छी नहीं मानी जाती, ऐसे में हल्की बारिश भी आउटडोर अभ्यास को प्रभावित कर सकती है। जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को इंडोर नेट्स में अभ्यास करना होगा।

साई सुदर्शन की फिटनेस पर नजर-

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज साई सुदर्शन अभी टीम के साथ श्रीलंका नहीं पहुंचे हैं। वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पैर के अंगूठे की चोट से उबर रहे हैं। उन्होंने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि मेडिकल टीम की मंजूरी मिलने के बाद 8 अगस्त तक टीम से जुड़ जाएंगे। हालांकि वह अभ्यास मैच में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

चार नेट गेंदबाज भी टीम के साथ जुड़े-

श्रीलंका की स्पिन मददगार परिस्थितियों को देखते हुए बीसीसीआई ने चार अतिरिक्त नेट गेंदबाज टीम के साथ भेजे हैं। हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, तनुष कोटियान और विप्रज निगम बल्लेबाजों को अभ्यास कराने में मदद करेंगे, ताकि टीम पहले टेस्ट से पहले बेहतर तैयारी कर सके।

नौ साल बाद श्रीलंका दौरे पर भारत-

भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का टेस्ट दौरा किया था, जब टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी। अब शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा भारतीय टीम नई शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरेगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ को देखते हुए यह सीरीज भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है

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उत्तरांचल पीजी कॉलेज में तिलक और कलावा को लेकर विवाद, छात्रों ने लगाया धार्मिक भेदभाव का आरोप

Uttaranchal PG Controversy:

Uttaranchal PG Controversy: उत्तरांचल पीजी कॉलेज ऑफ बायोमेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल (UCBMSH) में तिलक और कलावा पहनकर आने को लेकर विवाद सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें तिलक लगाने और कलावा पहनने पर कॉलेज में रोका जा रहा है। इतना ही नहीं, ऐसा करने पर उनकी अनुपस्थिति (Absent) भी दर्ज की जा रही है।

Uttaranchal PG Controversy: छात्रों ने उठाए सवाल-

छात्रों का कहना है कि वे कॉलेज के निर्धारित ड्रेस कोड में ही आते हैं और सभी नियमों का पालन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें केवल तिलक और कलावा धारण करने की वजह से रोका जा रहा है। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब वे अनुशासन और ड्रेस कोड का पालन कर रहे हैं तो धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों पर आपत्ति क्यों की जा रही है।

Uttaranchal PG Controversy: प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप-

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के प्रिंसिपल अल्फोंसे मैथ्यू तिलक लगाने वाले छात्रों को कॉलेज आने से मना करते हैं। छात्रों का यह भी कहना है कि उनकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाती हैं और उन्हें यह कहते हुए टोका जाता है कि “यह बिंदी लगाकर कॉलेज मत आना।”

शिक्षकों का पक्ष-

विरोध के दौरान एक शिक्षिका ने कहा कि कॉलेज ने केवल “बड़ी बिंदी जैसे तिलक” पर आपत्ति जताई है क्योंकि यह ड्रेस कोड का हिस्सा नहीं है। हालांकि, छात्रों का दावा है कि उन्होंने केवल छोटा और सामान्य तिलक लगाया था, फिर भी उन्हें रोका गया।

बजरंग दल ने किया विरोध-

मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और प्रिंसिपल व शिक्षकों से इस विषय पर जवाब मांगा। कार्यकर्ताओं ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी छात्र को उसकी धार्मिक आस्था के प्रतीकों के कारण नहीं रोका जाना चाहिए।

छात्रों के समर्थन में लगाया तिलक-

विरोध के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छात्रों को अपने हाथों से तिलक लगाकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार तिलक लगाकर कॉलेज आ सकते हैं और उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

कॉलेज की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार-

फिलहाल इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान सामने नहीं आया है। आरोप और छात्रों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी

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