24 June 2026 Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखना शुभ माना जाता है। पंचांग हिंदू धर्म की पारंपरिक समय गणना प्रणाली है, जो मुख्य रूप से सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति एवं उनकी चाल के आधार पर तैयार किया जाता है।
आज का पंचांग
24 जून 2026, बुधवार के दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। यह तिथि शाम 6:12 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।इस दिन सुबह 4:10 बजे से 4:58 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा, जिसे धार्मिक कार्यों, ध्यान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, सुबह 7:32 बजे से 9:17 बजे तक अमृत काल रहेगा। इस समय को भी शुभ और सकारात्मक कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, 24 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 5:46 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7:11 बजे होगा।वहीं, चंद्रमा का उदय दोपहर 3:35 बजे होगा और चंद्रास्त रात 1:54 बजे होगा। इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा। आर्द्रा नक्षत्र का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है।इसके अलावा, चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में रहेगा और बाद में गोचर करते हुए स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

24 June 2026 Panchang: योग और नक्षत्र की जानकारी
24 जून को हर्षण योग नहीं बनेगा, बल्कि इस दिन परिघ योग रहेगा। वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन वज्र योग नहीं है। इसके स्थान पर परिघ योग और शिव योग का निर्माण हो रहा है।ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, योगों का प्रभाव व्यक्ति के कार्यों और निर्णयों पर पड़ सकता है, इसलिए शुभ कार्य करते समय इनका ध्यान रखा जाता है।
अभिजित मुहूर्त: शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय
अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो 24 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:54 बजे से 12:44 बजे तक रहेगा।अभिजित मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है। इस दौरान नए कार्य शुरू करना, पूजा-पाठ करना, महत्वपूर्ण निर्णय लेना या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
पंचांग के अनुसार, इस दिन राहुकाल दोपहर 12:22 बजे से 2:05 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 11:51 बजे से दोपहर 1:34 बजे तक और यमघण्ट काल सुबह 7:30 बजे से 9:15 बजे तक रहेगा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
24 जून 2026 को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेंगे।इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, दिशाशूल के समय उस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।यदि किसी आवश्यक कारण से उत्तर दिशा की यात्रा करनी पड़े, तो यात्रा से पहले कुछ पारंपरिक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना शुभ माना जाता है।
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