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30 जून का पंचांग: प्रतिपदा तिथि पर करें दान-पुण्य, जानें राहुकाल और पूरे दिन के शुभ-अशुभ समय

30 जून का पंचांग

30 June Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग हिंदू काल-गणना की वह प्रणाली है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार की जाती है।मंगलवार के दिन आषाढ़ मास (ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष) की प्रतिपदा तिथि रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

30 June Panchang: अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त

इस दिन अमृत काल मध्य रात्रि 1:28 बजे से रात 3:15 बजे तक रहेगा। वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:46 बजे से 4:34 बजे तक होगा। यह समय पूजा, जप, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है।30 जून को सूर्योदय सुबह 5:12 बजे और सूर्यास्त शाम 6:53 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 7:26 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 5:06 बजे रहेगा।

नक्षत्र और योग

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं। वहीं, चंद्रमा मूल नक्षत्र में रहेगा।योग की बात करें तो इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। ब्रह्म योग दोपहर 2:49 बजे तक रहेगा। इसके बाद इन्द्र योग प्रारंभ हो जाएगा।

अभिजित मुहूर्त का समय

30 जून को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:35 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ और प्रभावशाली मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ, शुभ निर्णय और अन्य महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी माना जाता है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

इस दिन राहुकाल दोपहर 3:55 बजे से शाम 5:39 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 12:02 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा, जबकि यमघण्टकाल सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा।पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

ग्रहों की स्थिति, दिशाशूल

30 जून 2026 को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जबकि चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेंगे।मंगलवार, 30 जून 2026 को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना आवश्यक हो, तो पहले उचित ज्योतिषीय उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।

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