Amul Dark Chocolate: अगर आप भी अमूल कंपनी के डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि अमूल की लोकप्रिय डार्क चॉकलेट में एक्सपायरी से पहले कीड़े पाए गए हैं। यह घटना हिमाचल प्रदेश के न्यू शिमला की है, जहां के निवासी संदीप शर्मा ने ऊना से यह डार्क चॉकलेट खरीदी थी। जब संदीप के बेटे ने इस चॉकलेट को खोला, तो उस पर कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए। इस घटना ने अमूल के मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, इस घटना ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) पर भी दबाव बढ़ा दिया है कि आखिर एक ट्रस्टेड डेयरी कंपनी के प्रोडक्ट में एक्सपायरी डेट से पहले कीड़े कैसे मिले। इस घटना के बाद आम जनता में गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल है।
Amul Dark Chocolate: अमूल की Dark Fruit and Nut चॉकलेट में मिले कीड़े
हिमाचल प्रदेश के न्यू शिमला निवासी संदीप शर्मा ने अमूल की Dark Fruit and Nut चॉकलेट ऊना जिले की एक दुकान से खरीदी थी। घर लौटने के बाद संदीप के बेटे ने चॉकलेट का पैकेट खोला। पैकेट खोलते ही उसे चॉकलेट पर जिंदा कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर पूरा परिवार दंग रह गया। इस घटना में सबसे हैरानी वाली बात यह है कि एक्सपायरी डेट से पहले ही पैकेट के अंदर कीड़े मिले। जानकारी के अनुसार, पैकेट पर एक्सपायरी डेट वर्ष 2027 दर्ज थी। वहीं, इस चॉकलेट को 17 अक्टूबर 2026 को खरीदा गया था, जिसमें कीड़े मिलने का दावा किया गया है।
Amul Dark Chocolate: इतने सर्टिफिकेट्स के बाद भी चूक कैसे?
अमूल के पास ISO 9001:2015, FSSC 22000, ISO 14001:2015, ISO 45001:2018 और ISO 50001:2018 जैसे सर्टिफिकेट हैं। ये प्रमाणपत्र गुणवत्ता प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, कर्मचारियों की सुरक्षा और ऊर्जा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इसके बावजूद अमूल की Dark Fruit and Nut चॉकलेट में कीड़े मिलने की घटना ने कंपनी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक जानी-मानी डेयरी कंपनी के उत्पाद में एक्सपायरी डेट से पहले कीड़े मिलने का दावा गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने सारे सर्टिफिकेट होने के बावजूद आखिर ऐसी चूक कैसे हुई? क्या चॉकलेट के निर्माण, पैकेजिंग या भंडारण के दौरान गुणवत्ता जांच में कोई कमी रह गई? अब अमूल इस मामले में अपना बचाव कैसे करेगा और उपभोक्ताओं के सामने क्या स्पष्टीकरण देगा? इन सवालों के जवाब कंपनी की प्रतिक्रिया और मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
क्या FSSAI लेगा एक्शन?

इस घटना के बाद संदीप शर्मा ने अमूल के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उनका आरोप है कि कंपनी ने उचित जांच किए बिना ही उनकी शिकायत खारिज कर दी।
इसके बाद परिवार ने इस घटना की जानकारी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को दी और अपील की कि मामले की तुरंत जांच की जाए। अब यह देखना होगा कि FSSAI इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या अमूल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है।
FSSAI क्या है?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI देश में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मानक तय करने वाली प्रमुख नियामक संस्था है। इसकी स्थापना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई थी। यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को मिलने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।
FSSAI खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात से संबंधित नियमों और मानकों को निर्धारित करता है। यह खाद्य कारोबार से जुड़ी लाइसेंसिंग व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन और सुरक्षित भोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने में भी भूमिका निभाता है। खाद्य सुरक्षा नियमों को लागू करने में केंद्रीय प्राधिकरण के साथ राज्य की खाद्य सुरक्षा एजेंसियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अगर किसी खाद्य उत्पाद में कीड़े मिलने या गुणवत्ता से जुड़ी गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उत्पाद के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा सकती है और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर लागू कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अमूल की इस चॉकलेट के मामले में FSSAI ने जांच शुरू की है या कोई कार्रवाई की है, इसकी पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी से करना जरूरी है।
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